बिठूर से सपा-कांग्रेस पर बरसे योगी, बोले- दंगाइयों का उपचार सिर्फ भाजपा के पास

बिठूर से सपा-कांग्रेस पर बरसे योगी, बोले- दंगाइयों का उपचार सिर्फ भाजपा के पास

411.77 करोड़ की 48 विकास परियोजनाओं की दी सौगात, महर्षि वाल्मीकि आश्रम में की पूजा-अर्चना; बोले- विकास, विरासत और गरीब कल्याण सरकार की प्राथमिकता

कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर बिठूर के नानाराव पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 411.77 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास और सुरक्षा का माहौल कायम रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विपक्ष पर तुष्टीकरण, परिवारवाद और अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में त्योहारों को उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में मनाना आसान नहीं था। तत्कालीन सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विकास के बजाय कब्रिस्तानों की बाउंड्री बनवाने पर अधिक ध्यान दिया जाता था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ सड़क, बिजली, रोजगार और गरीब कल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

दंगाइयों और अराजक तत्वों पर सख्ती की जरूरत

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में दोबारा दंगा और अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की राजनीति अपराधियों और माफिया को संरक्षण देने वाली रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता पहले भी ऐसी राजनीति का जवाब दे चुकी है और आगे भी विकास तथा सुरक्षा को प्राथमिकता देगी।

उन्होंने कहा कि दंगाइयों का उपचार सिर्फ भाजपा के पास है। मुख्यमंत्री ने माफिया और उपद्रवियों के समर्थन में खड़े होने वाले लोगों को पहचानने की अपील भी की। सपा नेताओं के धार्मिक आयोजनों और राम नाम लेने के संदर्भ में उन्होंने कालनेमि का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह बजरंगबली ने कालनेमि को पहचान लिया था, उसी तरह लोगों को भी ऐसे व्यक्तियों के इरादों को समझना चाहिए।

‘देश में दो मियां, एक छोटे और एक बड़े मियां’

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में दो मियां हैं, एक छोटे मियां और दूसरे बड़े मियां। इसके बाद उन्होंने दोनों दलों पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने, गरीबों के अधिकारों की अनदेखी करने और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

योगी ने कहा कि विपक्षी दलों की राजनीति परिवारवाद और भ्रष्टाचार तक सीमित रही है। उनके मुताबिक, पिछली सरकारों के कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और व्यापारियों की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां थीं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विकास कार्यों को भी गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने के मुद्दे पर भी सपा और कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों के प्रति हमदर्दी दिखाने वाले दल गरीबों, दलितों, पिछड़ों और किसानों के हितों की प्रभावी ढंग से पैरवी नहीं कर सकते।

कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उसे मानसिक दिवालियेपन का शिकार बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी संवैधानिक संस्थाओं तथा देश के महापुरुषों का सम्मान करने के बजाय उनका अपमान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना प्रत्येक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को तय करना है कि उसे विकास, सुरक्षा और सुशासन चाहिए या फिर अराजकता और तुष्टीकरण की राजनीति। मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना भी सरकार के एजेंडे में शामिल है।

महापुरुषों के सम्मान और विरासत संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि रामायण ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने बिठूर की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला। योगी ने कहा कि भाजपा सरकार अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के माध्यम से भारतीय संस्कृति और विरासत को सम्मान देने का काम कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान कई महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों और स्थलों की पहचान बदलने का काम किया गया। इसके विपरीत भाजपा सरकार संत रविदास, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और अन्य महापुरुषों से जुड़े स्थलों के संरक्षण तथा सम्मान को प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महापुरुषों से जुड़े करीब चार हजार स्थलों के संरक्षण, सुंदरीकरण और सुरक्षा के लिए कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को देश के महापुरुषों के योगदान और उनके आदर्शों से परिचित कराना जरूरी है।

कानपुर को मिलीं 48 विकास परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 411.77 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि कानपुर में मेट्रो, एयरपोर्ट, सड़कों और पुलों से संबंधित परियोजनाओं के जरिए विकास को नई गति दी जा रही है।

बिठूर में महर्षि वाल्मीकि आश्रम और ब्रह्मावर्त घाट के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को नई पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने रामायण सर्किट के विकास, घाटों के सौंदर्यीकरण, होम-स्टे की सुविधाओं और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने की योजनाओं को क्षेत्र की आर्थिक प्रगति से जोड़ा।

योगी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को सांस्कृतिक विरासत तथा गरीब कल्याण के साथ जोड़कर प्रदेश को आगे बढ़ाना है।

 सुबह 11 बजे बिठूर पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर सोमवार सुबह करीब 11 बजे बिठूर पहुंचा। यहां उन्होंने सबसे पहले महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह कार्यक्रम स्थल पहुंचे और विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए। उन्होंने करीब 34 मिनट तक सभा को संबोधित किया और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं तथा राजनीतिक प्राथमिकताओं के बारे में अपनी बात रखी।

महर्षि वाल्मीकि आश्रम की धार्मिक मान्यता

बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम का धार्मिक और पौराणिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इसी आश्रम में महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी और माता सीता को आश्रय मिला था। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, भगवान श्रीराम के पुत्र लव और कुश का जन्म भी इसी स्थान से जुड़ा हुआ है।

पर्यटन विभाग की ओर से महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की योजना इन स्थानों को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की है, जिससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान मजबूत होने के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ मिल सके।

 विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने गिनाईं विकास की उपलब्धियां

बिठूर के विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों को रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास के अनेक कार्य हुए हैं, लेकिन बिठूर में विकास की गति और तेज करने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है।

विधायक ने पिछली सपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिठूर क्षेत्र के भीतरगांव में हुए दंगे की घटना लोगों को आज भी याद है। उनके मुताबिक, उस समय निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले क्षेत्र में सड़कों की हालत खराब थी और करीब 200 गांवों में बिजली की सुविधा नहीं थी।

सांगा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली है और पहले जिन सुविधाओं का अभाव था, उनमें से कई उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि बिठूर के विकास के लिए वह लगातार मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखते रहे हैं और आगे भी क्षेत्र की जरूरतों को प्रमुखता से उठाते रहेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं के साथ बिठूर की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया। जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर राजनीतिक हमले किए, वहीं सरकार की ओर से विकास, सुरक्षा, विरासत संरक्षण और जनकल्याण को अपनी प्राथमिकताएं बताया।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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