नौकरी से निकाले जाने पर रिहैब सेंटर को बदनाम करने की साजिश, मूक-बधिर छात्रा का अश्लील वीडियो पिता को भेजा
कानपुर। कानपुर में नौकरी से निकाले गए रिहैब सेंटर के पूर्व कर्मचारी ने कथित तौर पर बदला लेने के लिए मूक-बधिर छात्रा का अश्लील वीडियो उसके पिता के वाट्सऐप पर भेज दिया। शुक्रवार सुबह वीडियो देखने के बाद परिवार सदमे में आ गया। पिता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। मामले में काकादेव पुलिस ने आरोपित पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है। घटना के समय छात्रा नाबालिग थी, इसलिए मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, श्याम नगर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी मूक-बधिर बेटी की पढ़ाई और देखभाल के लिए उसे काकादेव स्थित रिहैब सेंटर में दाखिल कराया था। शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे उनके वाट्सऐप नंबर पर बेटी का अश्लील वीडियो आया। वीडियो देखकर परिवार परेशान हो गया। पिता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इसके बाद काकादेव पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
सीसीटीवी और मोबाइल नंबर से खुला मामला
पुलिस ने रिहैब सेंटर पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों और डीवीआर की जांच की। जांच में सामने आया कि बजरिया निवासी विपिन पहले सेंटर में काम करता था। आरोप है कि नौकरी के दौरान उसने छात्रा और सेंटर में पढ़ने वाले एक अन्य युवक का आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किया था।
डीसीपी अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक, नौकरी से निकाले जाने के बाद विपिन ने कथित तौर पर सेंटर को बदनाम करने के इरादे से वीडियो छात्रा के पिता को भेजा। पुलिस ने जिस मोबाइल नंबर से वीडियो भेजा गया था, उसकी जांच की। शुरुआत में यह नंबर सेंटर के एक कर्मचारी के पास मिला, लेकिन पूछताछ में पता चला कि उस नंबर का वाट्सऐप दूसरे मोबाइल पर भी इस्तेमाल हो रहा था। जांच के बाद विपिन की भूमिका सामने आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गबन के आरोप में नौकरी से निकाला गया था
पुलिस के अनुसार, विपिन काकादेव स्थित एक स्पेशल स्कूल में काम करता था। मई 2026 में गबन समेत अन्य आरोपों के चलते उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद उसकी सेंटर संचालिका से अनबन हो गई। बाद में उसने काकादेव के ही दूसरे रिहैबिलिटेशन सेंटर में नौकरी की और वहां के कॉमन मोबाइल नंबर पर अपना वाट्सऐप लॉगिन किया। कुछ समय बाद उसे वहां से भी हटा दिया गया।
पुलिस का कहना है कि इसके बाद विपिन किदवई नगर स्थित एक अन्य रिहैबिलिटेशन सेंटर में काम करने लगा। आरोप है कि उसने पहले के सेंटरों से बदला लेने के लिए दूसरे सेंटर के कॉमन मोबाइल नंबर पर चल रहे वाट्सऐप का इस्तेमाल कर वीडियो छात्रा के पिता को भेजा। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
वीडियो में दिख रहे युवक की भी जांच
डीसीपी के मुताबिक, वीडियो में छात्रा के साथ रिहैब सेंटर में पढ़ने वाला एक युवक भी दिखाई दे रहा है। पुलिस ने युवक को भी पकड़ा है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वीडियो करीब एक साल पुराना है और घटना के समय छात्रा की उम्र 18 वर्ष से कम थी। इसी आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


