यूपी में बारिश के बाद लौटी ठंड, 10 से ज्यादा शहरों में घना कोहरा; वाराणसी में दो विमान डायवर्ट
दिन के तापमान में 8 डिग्री तक गिरावट, रात का पारा 15 डिग्री से नीचे; नवंबर में पूर्वांचल में फिर बारिश के आसार
कानपुर। उत्तर प्रदेश में लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई जिलों में ठंड ने दस्तक दे दी है। सोमवार सुबह वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया समेत 10 से अधिक शहर घने कोहरे की चपेट में रहे। कोहरे के कारण जनजीवन के साथ हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ। वाराणसी में सुबह सात बजे दृश्यता घटकर महज 200 मीटर रह गई, जिसके चलते दो विमानों को उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी। इंडिगो की बेंगलुरु और दिल्ली से आने वाली उड़ानों को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा।
बारिश के बाद अवध और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में धूप का असर भी कमजोर पड़ने लगा है। दिन के तापमान में करीब आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जबकि रात का तापमान 15 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। इससे सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ने लगी है। रविवार देर रात वाराणसी में एक बार फिर तेज बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज समेत प्रदेश के ज्यादातर शहरों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि सोनभद्र में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल भी छाए रह सकते हैं।
बंगाल की खाड़ी में बना नया चक्रवात
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में नया मुरासु चक्रवात बना है, लेकिन इसका उत्तर प्रदेश पर सीधे तौर पर कोई विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। इसके बावजूद मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
अक्टूबर में औसत से 14 प्रतिशत अधिक बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर महीने में प्रदेश में कुल 32.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 28.2 मिलीमीटर है। इस तरह अक्टूबर में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और अब ठंड का असर बढ़ने लगा है।
नवंबर में पूर्वांचल में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार नवंबर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी यूपी में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। पूर्वांचल में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य या उससे कुछ कम रह सकता है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।
किसानों को रबी फसलों की बुवाई में सतर्कता की सलाह
नवंबर में संभावित बारिश को देखते हुए किसानों को रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर पूर्वांचल में गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखने को कहा गया है। निचले खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। जिन खेतों में बारिश के कारण पर्याप्त नमी मौजूद है, वहां अनावश्यक सिंचाई से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को मिट्टी में नमी और मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद ही बुवाई एवं सिंचाई का निर्णय लेना चाहिए।
फसल नुकसान पर तत्काल मुआवजा देने के सीएम के निर्देश
अतिवृष्टि और अर्नब तूफान से फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में जाकर फसल क्षति का तत्काल आकलन कराने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। यदि फसल का नुकसान निर्धारित मुआवजे के दायरे से अधिक है, तो भी किसानों को राहत पहुंचाने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।


