कानपुर में 2.95 करोड़ का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 25 हजार शीशियों के साथ एक गिरफ्तार

कानपुर में 2.95 करोड़ का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 25 हजार शीशियों के साथ एक गिरफ्तार

ट्रांसपोर्ट नगर के गोदाम में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की छापेमारी, दिल्ली से फर्जी बिल्टियों के जरिए माल मंगाकर प्रयागराज और वाराणसी में सप्लाई करने का आरोप

कानपुर। शहर में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। बाबूपुरवा क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित ढकनापुरवा में बृहस्पतिवार रात एक ट्रांसपोर्ट गोदाम पर छापा मारकर टीम ने 25 हजार शीशियां प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद कीं। 250 कार्टन में रखी इन शीशियों की बाजार कीमत करीब 2.95 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। शुरुआती जांच में फर्जी बिल्टियों के जरिए दिल्ली और गुजरात से माल मंगाकर प्रयागराज और वाराणसी में सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है।

बरामद सिरप टर्बो टी ब्रांड का है, जिसकी प्रत्येक शीशी 100 एमएल की बताई गई है। यह खेप दिल्ली से कानपुर पहुंची थी। सिरप का निर्माण हरिद्वार के सिडकुल स्थित इंडस्ट्रियल पार्क-2 में फार्मा हब ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में हुआ बताया गया है। मामले में पुलिस और संबंधित एजेंसियां सिरप की आपूर्ति, भंडारण और वितरण से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

बिहार निवासी आरोपी गिरफ्तार, तीन अन्य के खिलाफ मुकदमा

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के मगरपट्टी निवासी मिहिर कुमार ठाकुर के रूप में हुई है। वह कानपुर के गुजैनी इलाके में रह रहा था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि प्रयागराज निवासी आशुतोष तिवारी उर्फ प्रवेश तिवारी ने नोवोट्रिक्स लाइफ साइंसेज के नाम से फर्म बनाई थी। आरोप है कि फर्जी बिल्टियों के माध्यम से दिल्ली और गुजरात से माल मंगाया जाता था और फिर उसे प्रयागराज तथा वाराणसी में सप्लाई किया जाता था।

जांच में दिल्ली निवासी पंकज धीर और प्रयागराज निवासी सुमित यादव के नाम भी सामने आए हैं। एएनटीएफ के दरोगा अमन सिंह की तहरीर पर मिहिर कुमार ठाकुर, आशुतोष तिवारी, सुमित यादव और पंकज धीर के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी और बरामद माल को बाबूपुरवा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को दिए गए सैंपल

बरामद कफ सिरप के नमूने जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को सौंपे गए हैं। जांच में सिरप की संरचना, वैधानिक स्थिति और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी खेप किन परिस्थितियों में कानपुर लाई गई और इसे आगे किन स्थानों पर भेजा जाना था।

गुरुग्राम निवासी ट्रांसपोर्ट मालिक का नाम भी आया सामने

एएनटीएफ कानपुर इकाई के सीओ मनोज कुमार सिंह और निरीक्षक अइनुद्दीन के मुताबिक, पूछताछ में ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। आरोपी मिहिर ने कथित तौर पर बताया कि राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट का मालिक कुंवर राज सिंह चड्ढा हरियाणा के गुरुग्राम का निवासी है।

जांच में यह भी सामने आया कि ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में छोटे गोदामों का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थों के भंडारण के लिए किया जाता था। बरामद सिरप ढकनापुरवा में आशारानी गुप्ता के मकान में बने गोदाम में रखी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, कुंवर राज चड्ढा ने यह गोदाम 5,500 रुपये मासिक किराये पर लिया था। इस संबंध में संबंधित लोगों की भूमिका और गोदाम के इस्तेमाल की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

13 दिन पहले सरगना की गिरफ्तारी के बाद मिला सुराग

इस मामले में जांच एजेंसियों ने करीब 13 दिन पहले प्रयागराज से आशुतोष तिवारी को गिरफ्तार किया था। उसे गिरोह का कथित सरगना बताया गया है। उसकी निशानदेही और पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। इसी क्रम में कानपुर में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में कफ सिरप बरामद की गई।

जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि क्षेत्र में करीब चार वर्षों से सिरप का भंडारण किया जा रहा था। हालांकि, इस अवधि में कितनी खेप मंगाई गईं और कितने लोगों तक उनकी सप्लाई हुई, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रहीं एजेंसियां

करीब 2.95 करोड़ रुपये की कफ सिरप बरामद होने के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान इस नेटवर्क से जुड़े लोगों, परिवहन दस्तावेजों और कथित आपूर्ति मार्गों पर है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खेप के परिवहन और भंडारण में किन लोगों की भूमिका थी तथा सिरप की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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