नवरात्रि पर डांडिया-गरबा में नशे पर रोक, बिना अनुमति नहीं होगा आयोजन
कानपुर में पुलिस ने मंदिर, रामलीला और दुर्गा पूजा समितियों के साथ की बैठक; पंडाल का PWD से लेना होगा प्रमाणपत्र, CCTV और पार्किंग की जिम्मेदारी समितियों की
कानपुर। शारदीय नवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बुधवार को कानपुर कमिश्नरेट पुलिस सभागार में बैठक हुई। इसमें मंदिर समितियों, डांडिया-गरबा, रामलीला और दुर्गा पूजा आयोजन समितियों के 200 से अधिक पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए। बैठक में सुरक्षा, यातायात, बिजली, सफाई, पार्किंग और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने डांडिया और गरबा आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यक्रमों में किसी भी तरह के नशे का सेवन नहीं होना चाहिए। इसकी जिम्मेदारी आयोजन समिति की होगी। कार्यक्रम में प्रवेश व्यवस्था भी समिति को ही सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने आयोजकों से पंडाल मजबूत बनाने और उसकी मजबूती का प्रमाणपत्र पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से लेने के निर्देश दिए।
जर्जर सड़कों का मुद्दा उठा
बैठक में शहर की प्रमुख सड़कों के साथ जर्जर गलियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बैठक में एडीएम सिटी प्रशासन, सभी जोन के डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी, एलआईयू, फायर ब्रिगेड, नगर निगम और केस्को के अधिकारी मौजूद रहे।
मंदिर और रामलीला समितियों के पदाधिकारियों ने बताया कि कई मंदिरों तक पहुंचने वाले रास्ते जर्जर हैं। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी होती है और जाम की स्थिति बनती है। रामलीला की शोभायात्राओं को भी खराब सड़कों से गुजरना पड़ता है। समितियों ने मंदिरों के आसपास समय से कूड़ा उठाने और बंद नालियों की सफाई कराने की मांग की। इस पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने नगर निगम अधिकारियों को जर्जर सड़कों पर जल्द पैचवर्क कराने के निर्देश दिए।
जंगली देवी मंदिर के बाहर नौ दिन वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग
किदवई नगर स्थित जंगली देवी मंदिर समिति के महामंत्री विजय पांडेय ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मंदिर के दोनों ओर दुकानें लगती हैं। इससे रास्ता संकरा हो जाता है। इसके अलावा दोनों मार्गों से वाहनों की आवाजाही जारी रहने के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने मंदिर के दोनों रास्तों पर बैरिकेडिंग कर नवरात्रि के नौ दिनों तक वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग की। साथ ही देवी मंदिरों के आसपास पर्याप्त मार्ग प्रकाश व्यवस्था कराने की मांग भी रखी गई।
85 साल से हो रही दुर्गा पूजा, एक लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं
सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी, अर्मापुर के ज्वाइंट सेक्रेटरी तुषार घोष ने बताया कि उनकी समिति पिछले 85 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है। इस आयोजन में करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। आयोजन स्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर रामलीला का मंचन भी होता है। उन्होंने आयोजन स्थल के आसपास पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की। बताया कि दशहरे के अगले दिन समिति की ओर से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन किया जाता है। तुषार घोष ने आरोप लगाया कि पनकी में नगर निगम की ओर से बनाए गए कृत्रिम तालाब में पर्याप्त पानी नहीं रहता। इसके अलावा बिजली की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं होती, जिससे कई बार अंधेरे में प्रतिमा विसर्जन करना पड़ता है। उन्होंने विसर्जन स्थल पर पर्याप्त पानी और प्रकाश व्यवस्था कराने की मांग की।
डांडिया-गरबा के लिए लेनी होगी अनुमति
डांडिया और गरबा आयोजकों ने कार्यक्रमों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की, ताकि छेड़खानी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि डांडिया और गरबा आयोजन के लिए संबंधित आयोजकों को अनुमति लेना अनिवार्य होगा। रामलीला, डांडिया और दुर्गा पूजा पंडालों में अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए। सभी आयोजन समितियों को अपने वालंटियर्स रखने होंगे, जिनमें महिला वालंटियर्स भी शामिल होंगी।
CCTV, पार्किंग और साउंड सिस्टम पर भी निर्देश
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मंदिर, दुर्गा पूजा और गरबा आयोजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाना आयोजन समिति की जिम्मेदारी होगी। समितियों को कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी करनी होगी, ताकि सड़कों पर वाहन खड़े होने से जाम की स्थिति न बने।
शोभायात्राओं में साउंड सिस्टम का इस्तेमाल निर्धारित सीमा के भीतर ही करना होगा। पुलिस ने आयोजकों से सुरक्षा मानकों का पालन करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखने को कहा।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोजन समितियों, नगर निगम, केस्को और अन्य विभागों के बीच समन्वय बनाकर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।

