दयानन्द दीनानाथ कॉलेज में आयोजित हुई ‘कौन बनेगा फाइलेरिया चैम्पियन’ प्रतियोगिता, छात्रों को किया जागरूक
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत पीसीआई इंडिया के सहयोग से हुआ आयोजन, बीमारी के लक्षणों और बचाव की दी गई जानकारी

कानपुर नगर। नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दयानन्द दीनानाथ कॉलेज के फार्मेसी विभाग में सोमवार को पीसीआई इंडिया के सहयोग से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘कौन बनेगा फाइलेरिया चैम्पियन’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना और इसके उन्मूलन अभियान में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. नीरज सचान, मेडिकल ऑफिसर बिधनू ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रतियोगिता में डी.डी.सी.आई.पी., डी.डी.ई.सी., डी.डी.सी.ओ.पी. एवं जीआईसी बिधनू के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर डॉ. नीरज सचान ने भारत सरकार द्वारा संचालित फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिसके कारण हाथीपांव, हाइड्रोसील तथा महिलाओं में स्तन में सूजन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि शरीर में फाइलेरिया का संक्रमण होने के बावजूद जरूरी नहीं कि संक्रमित व्यक्ति में तत्काल बीमारी के लक्षण दिखाई दें। इसलिए जागरूकता, समय पर बचाव और निर्धारित दवाओं का सेवन बेहद आवश्यक है।
पीसीआई इंडिया के डिवीजनल ऑफिसर श्री खालिद हुसैन ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें अपने कॉलेज और आसपास के क्षेत्रों में फाइलेरिया के प्रति जागरूकता फैलाने तथा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. अनुपम सचान ने भारत सरकार के सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अभियान के महत्व से अवगत कराते हुए फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में पीसीआई इंडिया के डिवीजनल ऑफिसर श्री खालिद हुसैन, फार्मेसी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जितेन्द्र सिंह, प्राचार्य डॉ. सर्वेश कुमार, प्रिंसिपल डॉ. नम्रता सिंह सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक रहने और समाज में इसके बचाव का संदेश पहुंचाने का संकल्प दिलाया गया।


