जनता दर्शन में डीएम ने सुनीं फरियादें, बोले- केवल आख्या लगाना निस्तारण नहीं, पीड़ित की संतुष्टि जरूरी
कानपुर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दर्शन में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई करते हुए अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि किसी भी शिकायत पर केवल आख्या लगाकर औपचारिकता पूरी करना निस्तारण नहीं माना जाएगा। शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि ही समस्या के समाधान की अंतिम कसौटी होगी।
जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस और विकास विभाग से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
शिकायतों के निस्तारण की होगी क्रॉस चेकिंग
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। जिला मुख्यालय स्तर से निस्तारित किए गए मामलों का रैंडम आधार पर सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर बात करने के साथ जरूरत पड़ने पर स्थलीय जांच भी कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए। प्रत्येक प्रकरण में यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिली है या नहीं। प्रशासन की प्राथमिकता शिकायतों को लंबित रखने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान करना है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की समस्याओं के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शी व्यवस्था, संवेदनशील कार्यशैली और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है।


