मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतिम दिन 52 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ, एक जोड़े का हुआ निकाह

कानपुर। बिधनू ब्लॉक के कठेरूवा स्थित विवाह समारोह स्थल पर चल रहे चार दिवसीय मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना कार्यक्रम का सोमवार को समापन हो गया। अंतिम दिन 60 जोड़ों ने विवाह के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें 52 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इनमें एक मुस्लिम जोड़े का निकाह भी हुआ। विवाह समारोह में खुशियों के बीच कुछ ऐसे भावुक पल भी आए, जब जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझकर यहां तक पहुंची बेटियों ने नए जीवन की शुरुआत की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख अरुण कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम, खंड विकास अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, एडीओ समाज कल्याण अभिषेक यादव, जिला महामंत्री ग्रामीण ओबीसी मोर्चा अरविंद कुशवाहा समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
कोविड में पिता को खोया, मां ने मजदूरी कर संभाला परिवार

खुशबू – दीपक
पतेहुरी निवासी खुशबू के लिए यह दिन बेहद खास रहा। खुशबू के पिता रमेश की वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई थी। वह सूरत में नौकरी करते थे। कोरोना काल में गांव लौटने के बाद संक्रमण की चपेट में आ गए और घर आने के करीब एक महीने बाद उनका निधन हो गया। परिवार की बड़ी बेटी खुशबू ने बताया कि पिता की मौत के बाद मां अनिता देवी ने मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। उसके दो छोटे भाई गौरव और अभिषेक भी मजदूरी करते हैं। खुशबू ने बर्रा गांव निवासी दुर्गेश के बेटे दीपक के साथ सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की।
पति की मौत के बाद दो बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही रूबी

रूबी -उमेश पाल
कुमटा शंभुआ निवासी रूबी पाल की कहानी भी संघर्षों से भरी है। रूबी के पति कृपाल दुर्जनपुर निवासी थे और ट्रक चालक थे। करीब एक साल पहले जयपुर में उनकी अचानक मौत हो गई थी। इसके बाद रूबी पर दो बच्चों दिव्यांशी (6) और दीपक (2) की जिम्मेदारी आ गई। सामूहिक विवाह समारोह में रूबी ने उमेश पाल पुत्र रामप्रसाद निवासी बीवापुर मुंगीशापुर, कानपुर देहात के साथ विवाह कर नई जिंदगी की शुरुआत की।
पिता की मौत के बाद मां के साथ पहुंची प्रिया

प्रिया-अनुराग
कठेरूवा निवासी प्रिया कुशवाहा के पिता कृष्ण बिहारी की वर्ष 2024 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। पिता के निधन के बाद प्रिया की मां पुष्पा ने परिवार को संभाला। प्रिया अपनी मां के साथ सामूहिक विवाह समारोह में पहुंची और मूसानगर, घाटमपुर के श्रीनगर निवासी जीवनलाल के बेटे अनुराग के साथ विवाह बंधन में बंध गईं।
रुबीना और इरफान का हुआ निकाह
समारोह में मुस्लिम जोड़े के रूप में शंभुआ निवासी रुबीना का निकाह इरफान खान के साथ कराया गया। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दोनों का निकाह संपन्न हुआ। सामूहिक विवाह समारोह में एक साथ 52 जोड़ों के नए जीवन की शुरुआत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
राधाकृष्ण के साथ झूमे अधिकारी व दुल्हा-दुल्हन



