घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा शुरू, जीवन प्रमाण पोर्टल और उमंग ऐप से ऑनलाइन होगा सत्यापन
जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे, डोर स्टेप बैंकिंग और डाकघर से भी बनवा सकेंगे प्रमाण पत्र, आधार फेस आईडी व बायोमैट्रिक से होगी प्रक्रिया
कानपुर नगर। कोषागार से पेंशन प्राप्त करने वाले बुजुर्गों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए कोषागार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शासन के निर्देशों के अनुपालन में कानपुर नगर कोषागार ने पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके माध्यम से पेंशनर घर बैठे या अपने नजदीकी सुविधा केंद्र की मदद से ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र तैयार कर कोषागार को भेज सकेंगे।
मुख्य कोषाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि शासनादेश संख्या 7/2022/-1-310/दस-2022-10(65)/2014, दिनांक 26 जुलाई 2022 में दिए गए निर्देशों के तहत यह सुविधा लागू की गई है। इसका लाभ कोषागार कानपुर नगर से पेंशन प्राप्त कर रहे सभी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को मिलेगा। इसके लिए जीवन प्रमाण पोर्टल और उमंग ऐप की सहायता से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जनरेट किया जा सकता है।
मोबाइल ऐप से घर बैठे बनेगा जीवन प्रमाण पत्र
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशनर को अपने स्मार्टफोन के प्ले स्टोर से जीवन प्रमाण ऐप और आधार फेस आरडी सर्विसेज इंस्टॉल करनी होंगी। इसके बाद जीवन प्रमाण ऐप या आधिकारिक वेबसाइट [https://jeevanpramaan.gov.in](https://jeevanpramaan.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर जाकर प्रक्रिया शुरू करनी होगी। सबसे पहले आधार संख्या और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा।
सत्यापन पूरा होने के बाद पेंशनर को अपनी आवश्यक जानकारियां भरनी होंगी। इसमें पेंशनर का नाम, पेंशन का प्रकार यानी सेवा पेंशन अथवा पारिवारिक पेंशन का चयन करना होगा। इसके साथ ही स्वीकर्ता प्राधिकारी के रूप में उत्तर प्रदेश शासन, संवितरण एजेंसी के रूप में उत्तर प्रदेश कोषागार एवं उपकोषागार तथा कोषागार एजेंसी के रूप में कानपुर नगर (2000) का चयन करना होगा।
पीपीओ और बैंक खाते की जानकारी भरना जरूरी
आवेदन प्रक्रिया के अगले चरण में पेंशनर को अपना पीपीओ नंबर, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड सहित मांगी गई अन्य जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इसके बाद आधार आधारित बायोमैट्रिक इम्प्रेशन अथवा फेस आईडी के माध्यम से पहचान का सत्यापन किया जाएगा। सभी जानकारियां सही पाए जाने पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जनरेट हो जाएगा। खास बात यह है कि प्रमाण पत्र तैयार होने के बाद यह ऑनलाइन ही संबंधित कोषागार को प्रेषित हो जाएगा। इससे पेंशनरों को अलग से प्रमाण पत्र लेकर कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जन सुविधा केंद्र और डाकघर से भी मिलेगी मदद
मुख्य कोषाधिकारी ने बताया कि जिन पेंशनरों के पास स्मार्टफोन या बायोमैट्रिक डिवाइस की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन्हें भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे पेंशनर अपने घर के नजदीकी जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे अथवा नजदीकी डाकघर की सहायता से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त डोर स्टेप बैंकिंग सेवा के माध्यम से भी यह सुविधा प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए पेंशनर [https://doorstepbanks.com](https://doorstepbanks.com?utm_source=chatgpt.com) की सहायता ले सकते हैं।
बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनरों को मिलेगी विशेष राहत
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की व्यवस्था से विशेष रूप से बुजुर्ग, अस्वस्थ और चलने-फिरने में असमर्थ पेंशनरों को काफी सहूलियत मिलेगी। पहले जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पेंशनरों को कोषागार तक पहुंचना पड़ता था, जिससे उन्हें कई बार शारीरिक परेशानी और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ता था। अब ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से यह प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
मुख्य कोषाधिकारी ने समस्त पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों से अपील की है कि वे इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाएं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन जनरेट कराएं। इससे उन्हें अनावश्यक रूप से कोषागार कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।


