विजयादशमी हमें सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की देती है प्रेरणा : मिंटू सिंह
बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है दशहरा, भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का लें संकल्प

विशेष । असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व हमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलने, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना को मजबूत बनाने की प्रेरणा देता है। विजयादशमी के पावन अवसर पर पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष, ब्लॉक बिधनू मिंटू सिंह ने क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मिंटू सिंह ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन तक सीमित रहने वाला पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन करने और अपने भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का अवसर भी है। भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुआ युद्ध हमें यह संदेश देता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दें, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी प्रासंगिक
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण का प्रतीक है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों का पालन किया और समाज के सामने आदर्श स्थापित किए। माता-पिता के प्रति सम्मान, परिवार के प्रति जिम्मेदारी, मित्रता में निष्ठा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष जैसे गुण आज भी प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मिंटू सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे, दूसरों के अधिकारों का सम्मान करे और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझे, तो अनेक सामाजिक समस्याओं का समाधान संभव है।
अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त करने का लें संकल्प
विजयादशमी का पर्व हमें यह भी सिखाता है कि बुराई केवल बाहरी दुनिया में नहीं, बल्कि मनुष्य के विचारों और व्यवहार में भी हो सकती है। अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या, द्वेष और अन्याय जैसी प्रवृत्तियां व्यक्ति के साथ-साथ पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। ऐसे में दशहरे का वास्तविक महत्व तभी सार्थक होगा, जब हम अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि रावण दहन के साथ हमें अपने अंदर मौजूद नकारात्मक विचारों का भी त्याग करना चाहिए। समाज में किसी के प्रति भेदभाव न करना, जरूरतमंदों की सहायता करना, महिलाओं का सम्मान करना, बच्चों को अच्छे संस्कार देना और बुजुर्गों का आदर करना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत बनाने का संदेश
मिंटू सिंह ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, आपसी विश्वास और सहयोग में निहित है। सभी वर्गों के लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आगे आना चाहिए। त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि ये लोगों को आपस में जोड़ने और रिश्तों में मधुरता बढ़ाने का भी माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं। रामलीला के मंचन और रावण दहन के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित होने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजनों में युवाओं और बच्चों की भागीदारी से हमारी सांस्कृतिक परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती हैं।
समाज के विकास में सभी की भागीदारी जरूरी
पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सहभागिता से भी संभव होता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने गांव, क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए। स्वच्छता बनाए रखना, जरूरतमंदों की मदद करना, आपसी विवादों को संवाद के माध्यम से सुलझाना और सामाजिक कार्यों में सहयोग करना एक बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने कहा कि हमें ऐसे समाज के निर्माण का प्रयास करना चाहिए, जहां प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों और जरूरतमंदों को सहयोग मिल सके। भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर हम अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना
मिंटू सिंह ने विजयादशमी के पावन अवसर पर समस्त क्षेत्रवासियों से प्रेम, सद्भाव, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और आगे बढ़ने का उत्साह लेकर आए।
उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। हर परिवार में प्रेम और उल्लास का वातावरण हो तथा समाज में सदैव सत्य, न्याय और धर्म की प्रतिष्ठा बनी रहे।
मिंटू सिंह ने समस्त क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आइए, इस पावन पर्व पर हम सभी सत्य के मार्ग पर चलने, बुराइयों का त्याग करने और एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें।
मिंटू सिंह
पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष, ब्लॉक बिधनू, कानपुर नगर


