सौर ऊर्जा से जगमगाएगा रामपुर भीमसेन, बनेगा जिले का सोलर मॉडल ग्राम
एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित होंगे सौर ऊर्जा संयंत्र, 110.48 किलोवाट होगी कुल क्षमता
पंचायत भवन से लेकर सार्वजनिक परिसंपत्तियों तक बढ़ेगा सौर ऊर्जा का इस्तेमाल, डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने डीपीआर को दी मंजूरी

कानपुर नगर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली पर निर्भरता कम करने की दिशा में कानपुर नगर जिले को एक नई पहल मिलने जा रही है। कल्याणपुर विकासखंड के रामपुर भीमसेन गांव को सोलर मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत गांव में 110.48 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस पूरी परियोजना पर एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद गांव की सार्वजनिक सुविधाओं में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा और रामपुर भीमसेन ग्रामीण स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल की मिसाल बन सकेगा।
शुक्रवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में शिविर कार्यालय में आयोजित बैठक में इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर चर्चा की गई। बैठक में यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी ने प्रस्तावित योजना, उसकी लागत, क्षमता और क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद जिलाधिकारी ने डीपीआर को अनुमोदित कर दिया। साथ ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़ी आगामी कार्रवाई निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप समय से पूरी की जाए।
मई 2025 में हुआ था गांव का चयन
रामपुर भीमसेन गांव का चयन मई 2025 में सोलर मॉडल ग्राम के रूप में किया गया था। चयन के बाद गांव में सौर ऊर्जा की संभावनाओं और उपलब्ध सार्वजनिक परिसंपत्तियों का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू हुई। नई दिल्ली स्थित बसुधा फाउंडेशन ने गांव का सर्वेक्षण एवं आवश्यक अध्ययन किया। इसके आधार पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के निर्धारित मानकों के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट में गांव में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना और उनके उपयोग से संबंधित प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।
एक करोड़ 28 हजार रुपये से अधिक की परियोजना
परियोजना के अंतर्गत कुल 110.48 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए कुल 1 करोड़ 28 हजार 13 रुपये की अनुमानित लागत निर्धारित की गई है। इसमें 96 लाख 62 हजार 945 रुपये केंद्रीय वित्तीय सहायता के रूप में प्रस्तावित हैं, जबकि 3 लाख 65 हजार 68 रुपये का योगदान स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा। इस वित्तीय व्यवस्था के माध्यम से गांव में सौर ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
सरकारी भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को मिलेगा लाभ
योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इसके तहत पंचायत भवन, अन्य पात्र सरकारी भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इससे इन परिसरों में बिजली की जरूरतों को स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक पहल होगी।
हर जिले में एक गांव को मॉडल बनाने की पहल
भारत सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक गांव को सोलर मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रति ग्राम एक करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सार्वजनिक सुविधाओं में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग सुनिश्चित करने और नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है।
रामपुर भीमसेन में डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ी अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके पूरा होने पर गांव में सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण विकास में स्वच्छ ऊर्जा की भागीदारी बढ़ेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी राकेश, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


