धर्मांतरण के आरोप में शास्त्री भवन में हंगामा, 400 लोगों को बुलाने का दावा; गेट पर धरने पर बैठे हिंदूवादी कार्यकर्ता
कानपुर। ग्वालटोली थाना क्षेत्र के खलासी लाइन स्थित शास्त्री भवन में गुरुवार को ईसाई समाज के एक कार्यक्रम के दौरान धर्मांतरण के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में करीब 400 लोगों को बुलाकर उनका धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस के सामने भी कार्यकर्ताओं और आयोजकों के बीच विवाद होने की बात सामने आई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर आयोजकों का पक्ष लेने और उनके साथ धक्कामुक्की करने का आरोप लगाया। इससे नाराज कार्यकर्ता भवन के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। एसीपी कर्नलगंज अंजना दहिया ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया।
बसों से लोगों को लाने का लगाया आरोप
हिंदूवादी संगठन से जुड़े कृष्ण मोहन तिवारी उर्फ कृष्णा, शिव शक्ति अखाड़ा के पंकज जायसवाल और सोमनाथ मिश्र के मुताबिक, गुरुवार देर शाम उन्हें सूचना मिली थी कि शास्त्री भवन में बसों के जरिए करीब 400 लोगों को लाया गया है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इनमें सनातन धर्म को मानने वाले लोग शामिल थे और कार्यक्रम के दौरान उन्हें कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस को इसकी जानकारी दी और मौके पर पहुंच गए।
पुलिस पर आयोजकों के साथ मिलकर धक्कामुक्की का आरोप
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। वहां आयोजकों के साथ मिलकर उनके साथ धक्कामुक्की की गई। उनका यह भी कहना है कि भवन का मुख्य गेट बंद करा दिया गया और कार्यक्रम में शामिल लोगों को दूसरे दरवाजे से बाहर निकाल दिया गया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने भवन के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया और मामले में कार्रवाई की मांग की।
चर्च संस्था ने ली थी कार्यक्रम की अनुमति
डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि ईसाई समाज की ओर से ‘द ग्रेस एंड ग्लोरी चर्च’ नाम की संस्था ने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति ली थी। अनुमति के दौरान समाज से जुड़े लोगों के एकत्र होने की जानकारी दी गई थी। हिंदूवादी संगठनों की ओर से लगाए गए धर्मांतरण के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल कार्यक्रम में धर्मांतरण कराए जाने का आरोप जांच का विषय है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जाएगी।


