यूपी में चक्रवाती तूफान का असर, 20 शहरों में बारिश; 75 जिलों में अलर्ट
लखनऊ समेत कई जिलों में बदला मौसम, प्रतापगढ़ में पुलिस ने माइक से लोगों को किया सतर्क, बेमौसम बारिश से धान की फसल को नुकसान की आशंका
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, गोरखपुर और वाराणसी समेत कई शहरों में बारिश हुई। अयोध्या में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जबकि बलिया में कुछ देर तक तेज बारिश का दौर चला। मौसम में आए इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
मौसम में बदलाव को चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका को लेकर अलर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी होने का दावा किया गया है। हालांकि, तूफान के नाम और जिलेवार अलर्ट की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
प्रतापगढ़ में पुलिस ने माइक से किया अलर्ट
बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए प्रतापगढ़ में पुलिस ने माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों से घरों के अंदर रहने और सतर्कता बरतने की अपील की। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है।
धान की फसल पर मंडराया नुकसान का खतरा
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हो रही बेमौसम बारिश से धान उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खेतों में खड़ी फसल के गिरने और कटाई के बाद खुले में रखे धान के भीगने से नुकसान की आशंका है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर खेतों में पानी भरने की समस्या भी पैदा हो सकती है।
अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
मौसम के संभावित प्रभाव को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
फिलहाल, बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। किसानों और आम लोगों की निगाहें अब मौसम की अगली चेतावनी पर टिकी हैं।


