कानपुर: बारादेवी मेले में भीषण आग, 13 दुकानें जलकर राख; 50 लाख तक नुकसान का अनुमान
केस्को की कार्यप्रणाली पर लोगों ने उठाए सवाल, बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर दिया धरना

कानपुर। बारादेवी मेले में गुरुवार तड़के आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब 4:30 बजे लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और एक के बाद एक 13 दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। आग में दुकानों में रखा सामान जलकर राख हो गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, दुकानदारों को करीब 40 से 50 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। घटना के बाद प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। तड़के लगी आग से मेले में मौजूद दुकानदारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कुछ ही देर में कई दुकानें आग की चपेट में आ गईं।
आग की सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल घटना में किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है। नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाना बाकी है।
केस्को पर लापरवाही का आरोप, लोगों ने जताया विरोध
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग केस्को की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का आरोप है कि आग लगने के बाद केस्को को कई बार फोन किया गया, लेकिन काफी देर तक फोन नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि घटनास्थल के पास ही केस्को का सबस्टेशन होने के बावजूद बिजली आपूर्ति बंद करने में देरी हुई।
इसको लेकर नाराज लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। हालांकि, फोन कॉल पर प्रतिक्रिया और बिजली आपूर्ति बंद करने में कथित देरी को लेकर केस्को का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी आग की वजह
बारादेवी मेले में आग की इस घटना से प्रभावित दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानों में रखा सामान जलने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अब आग लगने के कारणों, बिजली आपूर्ति की स्थिति और नुकसान के वास्तविक आंकड़े को लेकर जांच का इंतजार है।


