साड़ी पहनकर नंगे पैर दौड़ने वाली कविता देवी हाई जंप में चूकीं

साड़ी पहनकर नंगे पैर दौड़ने वाली कविता देवी हाई जंप में चूकीं

1600 मीटर की दौड़ आसानी से की पूरी, होमगार्ड भर्ती के फिजिकल टेस्ट में नहीं मिली सफलता

रामगढ़ (झारखंड)। सरकारी नौकरी पाने का सपना लेकर संघर्ष कर रहीं कविता देवी की कहानी एक बार फिर चर्चा में है। झारखंड के रामगढ़ जिले में होमगार्ड भर्ती के लिए साड़ी पहनकर और नंगे पैर दौड़ लगाने वाली कविता देवी के शारीरिक परीक्षा के परिणाम ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है। 25 अक्टूबर को आयोजित फिजिकल टेस्ट में उन्होंने 1600 मीटर की दौड़ आसानी से पूरी कर ली, लेकिन हाई जंप की बाधा पार करने में सफल नहीं हो सकीं। दौड़ में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद हाई जंप में असफलता उनके लिए चुनौती बन गई।

कविता देवी उस समय सुर्खियों में आई थीं, जब एक कोचिंग सेंटर के नि:शुल्क ट्रायल के दौरान वह साड़ी पहनकर और नंगे पैर दौड़ती दिखाई दी थीं। उनका यह वीडियो चर्चा में आया तो लोगों ने उनके संघर्ष, मेहनत और सरकारी नौकरी पाने के जज्बे की सराहना की। सामान्य तौर पर शारीरिक परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी खेलकूद के कपड़ों और जूतों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कविता का साड़ी पहनकर दौड़ना लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया।

नि:शुल्क ट्रायल से चर्चा में आई थीं कविता

होमगार्ड भर्ती की तैयारी के दौरान कविता देवी ने एक कोचिंग सेंटर के नि:शुल्क ट्रायल में हिस्सा लिया था। इसी दौरान वह साड़ी पहनकर नंगे पैर दौड़ लगाती नजर आईं। उनकी दौड़ का वीडियो सामने आने के बाद उनकी तैयारी और परिस्थितियों को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं के लिए भर्ती की शारीरिक परीक्षा एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। ऐसे में कविता की कोशिश ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

उनकी कहानी ने यह भी दिखाया कि सरकारी नौकरी पाने के लिए अभ्यर्थियों को कितनी मेहनत करनी पड़ती है। हालांकि, किसी भी भर्ती परीक्षा में व्यक्तिगत प्रयास के साथ-साथ निर्धारित शारीरिक मानकों को पूरा करना भी जरूरी होता है।

1600 मीटर की दौड़ में सफल रहीं

25 अक्टूबर को हुई शारीरिक परीक्षा में कविता देवी ने 1600 मीटर की दौड़ पूरी कर ली। यह उनके प्रदर्शन का सकारात्मक पक्ष रहा। दौड़ पूरी करने के बाद उम्मीद थी कि वह परीक्षा के अन्य चरणों में भी सफलता हासिल करेंगी। लेकिन हाई जंप के दौरान वह निर्धारित बाधा पार नहीं कर सकीं।

शारीरिक भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की क्षमता का आकलन विभिन्न गतिविधियों के आधार पर किया जाता है। हर गतिविधि के लिए निर्धारित मानकों को पूरा करना आवश्यक होता है। किसी एक चरण में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद दूसरे चरण में असफलता चयन की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। कविता के मामले में भी यही स्थिति सामने आई।

हाई जंप में असफलता बनी परेशानी

कविता देवी 1600 मीटर की दौड़ पूरी करने में सफल रहीं, लेकिन हाई जंप में असफल रहने के कारण वह शारीरिक परीक्षा में सफलता हासिल नहीं कर सकीं। उनके प्रदर्शन की चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि दौड़ का वीडियो सामने आने के बाद लोगों को उनसे काफी उम्मीदें थीं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके अन्य परीक्षणों, कुल अंकों और भर्ती प्रक्रिया में आगे की स्थिति का विस्तृत ब्योरा नहीं है। इसलिए उनके अंतिम चयन या भविष्य में भर्ती के अवसरों को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

मेहनत के साथ सही तैयारी भी जरूरी

कविता देवी की कहानी उन अभ्यर्थियों के संघर्ष को सामने लाती है, जो सरकारी नौकरी पाने के लिए कठिन परिस्थितियों में तैयारी करते हैं। शारीरिक परीक्षा में सफलता के लिए नियमित अभ्यास, दौड़ के साथ अन्य गतिविधियों की तैयारी और निर्धारित मानकों की जानकारी भी जरूरी होती है।

हाई जंप जैसी गतिविधियों में सही तकनीक, अभ्यास और शारीरिक संतुलन की अहम भूमिका होती है। इसलिए भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए जरूरी है कि वे केवल दौड़ पर ध्यान देने के बजाय परीक्षा में शामिल सभी शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास करें।

कविता देवी ने 1600 मीटर की दौड़ पूरी करके अपनी क्षमता दिखाई, लेकिन हाई जंप में असफलता के कारण उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। उनकी कहानी इस बात की याद दिलाती है कि लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मेहनत के साथ सही दिशा में तैयारी करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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