पैरा एशियन गेम्स- भारत को एक ही इवेंट में गोल्ड-सिल्वर:मोना अग्रवाल पहले और अवनी लेखरा दूसरे नंबर पर रहीं
मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन बनाया रिकॉर्ड
जापान। शूटर मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में भारत को पहले दिन सोमवार को 2 पदक दिलाए। मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर जीता। ये दोनों मेडल R2 विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की SH1 कैटेगरी में आए। इसमें कमर से नीचे की दिव्यांगता वाले शूटर हिस्सा लेते हैं। जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में मोना ने 250.0 अंक और अवनी ने 249.6 अंक हासिल किए। कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
आखिरी शॉट तक चला गोल्ड मेडल मैच
जयपुर की दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना 0.1 अंक की बढ़त पर थीं। उस समय स्कोर 239.1 और 239.2 था। मोना ने आखिरी शॉट में 10.8 अंक हासिल किए। अवनी ने 10.5 अंक बनाए। अवनी के सिल्वर मेडल से भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक्स के लिए दूसरा कोटा स्थान मिला। मोना ने पिछले महीने साउथ कोरिया में वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर पहला कोटा दिलाया था। PMO ने दोनों शूटर्स को बधाई दी…
मोना को 9 महीने की उम्र में पोलियो हुआ

मोना अग्रवाल राजस्थान की पैरा-शूटिंग खिलाड़ी हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हुआ था और दोनों पैर प्रभावित हुए। पैरा-शूटिंग शुरू करने से पहले मोना पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी अहम भूमिका निभाई।
राजस्थान महिला टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं मोना
2019 में मोना ने राजस्थान की महिला टीम की कप्तानी की। टीम ने पहली नेशनल सिटिंग वॉलीबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। मोना ने दिसंबर 2021 में राइफल शूटिंग शुरू की। 2022 में उन्होंने नेशनल लेवल पर सिल्वर जीता।
2023 में मोना ने ओसिजेक, क्रोएशिया में वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप के मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज जीता। उसी साल चांगवोन के वर्ल्ड कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 कैटेगरी में गोल्ड जीता।
मार्च 2024 में नई दिल्ली में हुए वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप में मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 कैटेगरी में गोल्ड जीता। उन्होंने 250.7 का स्कोर किया। इसके साथ उन्होंने एशियन रिकॉर्ड बनाया और भारत के लिए पैरालंपिक कोटा स्थान हासिल किया।मोना ने पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता।मोना को 2024 में अर्जुन अवॉर्ड मिला।
कार एक्सीडेंट में अवनी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी

2012 में कार दुर्घटना के दौरान अवनी लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी। उस समय वह 10 साल की थीं। ठीक होने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अवनी ने ओलिंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर 2015 में शूटिंग शुरू की। अवनी ने बताया है कि शूटिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की। इससे वह लोगों से बातचीत करने में भी सहज हुईं।
जूडो ने कपिल परमार ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया

जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने पुरुषों के जे-1 की -70 किलोग्राम वेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने इंडोनेशिया के खिलाड़ी हनाफ रफली शिदकी को इप्पोन से हराया। मध्यप्रदेश के सीहोर के कपिल सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी से 0-1 से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने ब्रॉन्ज प्लेऑफ में जगह बनाई। J1 कैटेगरी में गंभीर रूप से दृष्टिबाधित खिलाड़ी शामिल होते हैं। इसमें पूरी तरह से दृष्टिहीनता से लेकर बहुत कम रोशनी दिखाई देने तक की स्थिति शामिल है।
बिना हाथ की तीरंदाज शीतल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर किया, पैरा एशियन गेम्स में 704 अंक लिए

बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था।


