बिधनू सीएचसी में आशा बहुओं का प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चिकित्सा अधीक्षक का घेराव

बिधनू सीएचसी में आशा बहुओं का प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चिकित्सा अधीक्षक का घेराव

वेतन वृद्धि, दुर्घटना बीमा और पेंशन की मांग; काम पर लौटने से इनकार, 23 अक्टूबर को लखनऊ में धरने की चेतावनी

एम्बुलेंस रोककर जताया विरोध, ‘एक कचोरी दो समोसा, योगी तेरा क्या भरोसा’ के नारे लगाए

कानपुर। बिधनू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर करीब 182 आशा बहुओं ने प्रदर्शन किया। आशा कार्यकर्ताओं ने चिकित्सा अधीक्षक का घेराव कर उन्हें मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी होने तक काम पर वापस नहीं लौटने का ऐलान करते हुए आशा बहुएं सीएचसी परिसर में धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जाहिर की।

आशा बहुओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने वेतन वृद्धि, काम की समय-सीमा निर्धारित करने, दुर्घटना बीमा और पेंशन सहित 10 मांगें उठाईं। प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगी।

 वेतन वृद्धि और पेंशन समेत 10 मांगों को लेकर प्रदर्शन

आशा बहु प्रमिला गुप्ता, भारती, पुनीता मिश्रा और अंजू यादव ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ाना, काम करने की समय-सीमा तय करना, दुर्घटना बीमा और पेंशन की व्यवस्था करना शामिल है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें अपनी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो 23 अक्टूबर को लखनऊ में धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।

चिकित्सा अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं ने बिधनू सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज सचान का घेराव किया और उन्हें अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज सचान ने बताया कि आशा बहुओं से ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है। उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

 20 मिनट तक रोकी 102 एम्बुलेंस

ज्ञापन सौंपने के बाद बड़ी संख्या में मौजूद आशा बहुओं ने सीएचसी के मुख्य गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान सीएचसी से बाहर निकल रही 102 एम्बुलेंस को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया। करीब 20 मिनट तक एम्बुलेंस रोके रखने के बाद उसे जाने दिया गया।

एम्बुलेंस रोकने की घटना के दौरान सीएचसी परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी का माहौल बना रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखने की बात कही।

 वायरल स्लोगन के जरिए सरकार पर निशाना

प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं ने हालिया महिला प्रदर्शन से चर्चा में आए नारे ‘एक कचोरी दो समोसा, योगी तेरा क्या भरोसा’ को दोहराते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारेबाजी की। यह नारा सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा है।

नारेबाजी के बाद प्रदर्शनकारी आशा बहुएं सीएचसी परिसर में बैठ गईं और अपनी मांगें पूरी होने तक काम पर नहीं लौटने की बात दोहराई।

23 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन की चेतावनी

बिधनू सीएचसी में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब आशा कार्यकर्ताओं की नजर उच्चाधिकारियों की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। कार्यकर्ताओं ने साफ कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे 23 अक्टूबर को लखनऊ में धरना देंगी। फिलहाल, आशा बहुओं के प्रदर्शन और काम पर वापस न लौटने के ऐलान के बीच उनकी मांगों के समाधान को लेकर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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