कानपुर में डेंगू का डंक तेज, 12 नए मरीज मिले; इस साल संक्रमितों की संख्या 184 पहुंची

कानपुर में डेंगू का डंक तेज, 12 नए मरीज मिले; इस साल संक्रमितों की संख्या 184 पहुंची

कानपुर। बदलते मौसम के बीच शहर में डेंगू संक्रमण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को डेंगू के 12 नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही इस साल डेंगू संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 184 हो गई है। नए मरीज सिविल लाइंस, कर्नलगंज, देहली सुजानपुर, रतनलाल नगर, ब्रह्मनगर, शिवराजपुर और बिठूर क्षेत्रों में मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच शुरू कर दी है।

प्रभावित इलाकों में जांच अभियान

डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच कर रही हैं। संक्रमितों के घरों और आसपास के इलाकों में भी निरीक्षण किया जाएगा, ताकि मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें खत्म किया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, जिससे मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।

घरों में जमा साफ पानी भी बन सकता है खतरा

हैलट अस्पताल के एसआईसी डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि डेंगू मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रमण है। घरों की छतों, गमलों, कूलरों, पुराने टायरों और बेकार पड़े बर्तनों में जमा साफ पानी भी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है। ऐसे में पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित सफाई जरूरी है।

उन्होंने बताया कि कूलर और पानी की टंकियों को साफ रखने के साथ ही पानी रखने वाले बर्तनों को ढककर रखना चाहिए। आसपास कहीं पानी जमा हो तो उसे हटाने की व्यवस्था करें। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर डेंगू के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।

बुखार होने पर कराएं जांच, खुद से दवा लेने से बचें

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द तथा त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए।

विशेष रूप से एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि डेंगू में इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आने अथवा अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरों को पनपने से रोकने की अपील की है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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