विजयादशमी पर रामलीला मैदान पहुंचेंगे योगी, भगवान राम का करेंगे राजतिलक

विजयादशमी पर रामलीला मैदान पहुंचेंगे योगी, भगवान राम का करेंगे राजतिलक

20 अक्तूबर को निकलेगी शोभायात्रा, 109वीं रामलीला में रामायण के प्रमुख प्रसंगों का होगा मंचन

गोरखपुर में आर्यनगर की ऐतिहासिक रामलीला में इस वर्ष विजयादशमी का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। 20 अक्तूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शोभायात्रा के साथ मानसरोवर स्थित रामलीला मैदान पहुंचेंगे और भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके बाद वह श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देंगे। आर्यनगर रामलीला समिति की ओर से इस बार 109वीं रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला का मंचन 10 से 23 अक्तूबर तक होगा। आयोजन के दौरान रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें श्रीराम जन्म से लेकर वनवास, सीताहरण, लंका दहन और रावण वध तक की लीलाएं शामिल हैं। विजयादशमी के दिन भगवान राम के राज्याभिषेक के साथ धार्मिक उत्सव का विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु परंपरागत आयोजन में शामिल होकर धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव कर सकें।

रामलीला समिति के अध्यक्ष पुष्प दंत जैन के अनुसार, 20 अक्तूबर को शाम चार बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान श्रीराम का तिलक करेंगे। इसी दिन शाम सात बजे कुंभकरण और मेघनाथ वध की लीला का मंचन होगा। अगले दिन 21 अक्तूबर को शाम सात बजे अहिरावण वध, रावण वध और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। रामलीला के समापन से पहले 22 अक्तूबर की रात भरत मिलाप की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह घासी कटरा स्थित रामजानकी ठाकुर मंदिर से शुरू होकर जाफरा बाजार, बेनीगंज और चरण लाल चौक होते हुए आर्यनगर पहुंचेगी। यात्रा का समापन 23 अक्तूबर की सुबह करीब पांच बजे होगा। इसके बाद आर्यनगर स्थित भारत मिलाप मंच पर भगवान राम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन किया जाएगा।

10 अक्तूबर से शुरू होंगी रामलीला की प्रमुख लीलाएं

रामलीला का शुभारंभ 10 अक्तूबर को सुबह सुंदरकांड पाठ के साथ होगा। शाम को गणेश पूजन, नारद मोह और पृथ्वी पुकार की लीला प्रस्तुत की जाएगी। 11 अक्तूबर को श्रीराम जन्म, विश्वामित्र आगमन, अहिल्या उद्धार और पुष्प वाटिका के प्रसंगों का मंचन होगा। 12 अक्तूबर को धनुष यज्ञ और परशुराम संवाद की लीला होगी। 13 अक्तूबर को राम बरात निकाली जाएगी। यह गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के सामने स्थित हनुमान मंदिर से शुरू होकर मानसरोवर मंदिर होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां राम-विवाह का मंचन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को देखने का अवसर मिलेगा।

वनवास से लंका दहन तक दिखेंगे रामायण के प्रसंग

14 अक्तूबर को मंथरा-कैकेयी संवाद, दशरथ-कैकेयी संवाद और श्रीराम वनवास की लीला का मंचन होगा। इसी दिन राम की वनयात्रा निकाली जाएगी, जो आर्यनगर से शुरू होकर बक्शीपुर, हिंदी बाजार, लालडिग्गी और जाफरा बाजार होते हुए वापस आर्यनगर पहुंचेगी। 15 अक्तूबर को केवट संवाद, श्रवण कुमार प्रसंग और दशरथ मरण की लीला होगी। 16 अक्तूबर को राम-भरत संवाद तथा भरत के चरण पादुका लेकर लौटने का दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। 17 अक्तूबर को सीताहरण, जटायु मोक्ष और शबरी आश्रम के प्रसंग दिखाए जाएंगे। 18 अक्तूबर को हनुमान-सुग्रीव मिलन, बालि वध और लंका दहन होगा। 19 अक्तूबर को विभीषण शरणागति, अंगद-रावण संवाद, रामेश्वर स्थापना और लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन किया जाएगा।

वृंदावन के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन

इस वर्ष रामलीला की प्रस्तुति वृंदावन के राधा विनोद लीला संस्थान की ओर से की जाएगी। श्रीराम शर्मा (निमाई) के निर्देशन में कलाकार रामायण के विभिन्न प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत करेंगे। धार्मिक आयोजनों की यह परंपरा गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रामलीला, शोभायात्रा और भरत मिलाप जैसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। 23 अक्तूबर को भारत मिलाप मंच पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ आयोजन का समापन होगा।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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