लखनऊ में एम्बुलेंस ड्राइवरों ने डिप्टी CM का आवास घेरा
बोले- 5 साल में 50 बार मिले, हर बार मिला सिर्फ आश्वासन

लखनऊ। लखनऊ में शनिवार को नौकरी की मांग को लेकर एम्बुलेंस ड्राइवरों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए ड्राइवरों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कोरोना काल में मिले मेडल और सर्टिफिकेट भी उपमुख्यमंत्री को वापस करने की बात कही। एम्बुलेंस ड्राइवरों का कहना है कि डिप्टी सीएम नौकरी देने का आश्वासन देते हैं, लेकिन अब उनसे मिलने पहुंचने पर पुलिस उन्हें खदेड़ रही है। ड्राइवरों के मुताबिक, पिछले पांच साल में वे 50 से अधिक बार ब्रजेश पाठक से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। ड्राइवरों ने बताया कि शुक्रवार को गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने शनिवार को डिप्टी सीएम से मुलाकात कराने का वादा किया था। इसी वादे के तहत वे शनिवार को मिलने पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और हिरासत में लेने लगी।
‘दरवाजे पर पहुंचने पर पुलिस भगा रही’
प्रदर्शन कर रहे सलील अवस्थी का कहना है कि 2021 से हम लोग नौकरी के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों से 9000 कर्मचारी रोजगार के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके लखनऊ पहुंचते हैं। डिप्टी सीएम वादा करते हैं कि नौकरी मिलेगी। अब जब उनके दरवाजे पर पहुंचे तो पुलिस भगा रही।
बिना कारण बताए नौकरी से निकाला
शरद ने बताया कि 9000 कर्मचारियों के सामने 5 साल से रोजी रोटी का संकट है। साल 2012 में नियुक्ति हुई। 2012 से लेकर 2021 तक 108 और 102 एम्बुलेंस में सेवा दिया। 2021 में 9000 कर्मचारियों को बिना कारण बताए (GVKERI निजी कंपनी है, जिसके माध्यम से भर्ती हुई थी) निकाल दिया। 5 साल से भटक रहे हैं हमें हर हाल में नौकरी चाहिए हम कोरोना योद्धा हैं। जब कोई किसी को नहीं पूछता था तब हम लोगों की जान बचा रहे थे। कोरोना काल में हीरो थे अब जीरो हो गए।

