निवेश का झांसा देकर प्रोफेसर से ठगे 1.31 करोड़, छह राज्यों के 94 खातों में पहुंची रकम
कानपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने आजाद नगर निवासी प्रोफेसर देवेश दुबे से 1.31 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने फेसबुक के जरिए प्रोफेसर को एक ऑनलाइन ट्रेडिंग ग्रुप से जोड़ा था। इसके बाद निवेश पर लगातार अधिक मुनाफे का भरोसा देकर अलग-अलग समय पर रकम निवेश कराई गई।
ठगी की रकम को साइबर ठगों ने छह राज्यों के 94 म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर किया। खाते में रकम जमा होने के बाद जब प्रोफेसर ने अपनी निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया तो रकम नहीं निकल सकी। इसके बाद आरोपियों ने कमीशन और अन्य शुल्क के नाम पर करीब 34 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर दी।
मामले का अहसास होने पर प्रोफेसर ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
एक महीने में कई बार निवेश कराई रकम
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर देवेश दुबे को आरोपियों ने फेसबुक के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग ग्रुप में जोड़ा था। ग्रुप में शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़े संदेश भेजकर अधिक मुनाफे का दावा किया गया।
आरोपियों की बातों पर भरोसा कर प्रोफेसर ने 10 अगस्त से सात सितंबर के बीच कई बार में कुल करीब 1.31 करोड़ रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में ठगों ने उन्हें निवेश पर लाभ होने की जानकारी दी, जिससे उनका भरोसा और बढ़ता गया।
कुछ समय बाद प्रोफेसर ने अपने खाते में दिखाई जा रही रकम को निकालने का प्रयास किया, लेकिन पैसा निकालने में सफल नहीं हुए। इसके बाद साइबर ठगों ने रकम रिलीज करने और कमीशन के नाम पर करीब 34 लाख रुपये और जमा करने को कहा।
अतिरिक्त रकम देने से किया इनकार
आरोपियों की ओर से अतिरिक्त रकम की मांग किए जाने पर प्रोफेसर को संदेह हुआ। उन्होंने और पैसा देने से इनकार कर दिया और अपनी पहले से निवेश की गई रकम वापस मांगी। इसी दौरान उन्होंने मामले की शिकायत सेबी में भी की। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई साइबर ठगी की जानकारी हुई।
मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद साइबर क्राइम टीम ने बैंक खातों में हुए लेनदेन की जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम एक खाते में नहीं रही, बल्कि अलग-अलग खातों के जरिए कई राज्यों में ट्रांसफर की गई।
छह राज्यों के 94 खातों में पहुंची रकम
साइबर थाना प्रभारी अभय सिंह ने बताया कि प्रोफेसर से ठगी गई रकम को राजस्थान, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र समेत छह राज्यों के 94 म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है। इन खातों की जानकारी जुटाकर उनके लेनदेन और खाताधारकों का सत्यापन किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, रकम को कई खातों में बांटकर ट्रांसफर किए जाने से पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और साइबर ठगों से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

