एशियन गेम्स में भारत को 1 मिनट में 2 गोल्ड
बॉक्सिंग में लवलीना, परवीन के बाद अंकुश का गोल्डन पंच; रेसलर सुजीत भी सोना जीते
नागोया (जापान)। भारत ने एशियन गेम्स में शुक्रवार को एक मिनट के अंदर 2 गोल्ड मेडल जीते। बॉक्सर अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता। इससे ठीक एक मिनट पहले सुजीत कलकल ने रेसलिंग के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड अपने नाम किया।
इससे पहले बॉक्सर परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा और लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड जीता। पहली बार 3 भारतीय मुक्केबाज एशियन गेम्स में चैंपियन बने हैं। सुबह भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रिकर्व इवेंट में भी गोल्ड दिलाया। इसके साथ भारत के 15 गोल्ड मेडल हो गए हैं और वह मेडल टैली में 5वें नंबर पर पहुंच गया है।
विमेंस हॉकी का फाइनल 4:30 बजे शुरु होगा

विमेंस हॉकी का फाइनल मैच आज भारत और चीन के बीच 4:30 बजे से शुरु होगा। मुकाबला पहले 3:30 बजे से शुरु होने वाला था, लेकिन एक घंटे देरी से शुरु होगा। मैच लेट होने की वजह सामने नहीं आई है।
एशियाड में भारतीय मुक्केबाजों का ऑल टाइम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने गोल्ड के लिहाज से ऑल टाइम सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल जीते। 2010 एशियाड में भारतीय मुक्केबाजों ने 2 गोल्ड समेत कुल 9 मेडल जीते थे। वहीं 2022 में भारत के खाते में 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 मेडल आए थे।
बॉक्सिंग: अंकुश पंघाल ने जीता गोल्ड, 80 किग्रा में बने चैंपियन
भारत के अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया। फाइनल में उन्होंने साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया। अंकुश के गोल्ड के साथ आज भारतीय बॉक्सिंग के तीन गोल्ड मेडल हो गए हैं। वे 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं।
कुश्ती: सुजीत कालकल ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में जीता गोल्ड
भारत के सुजीत कालकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया। फाइनल में सुजीत ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए कुदिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे और सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड का खेल बाकी था। इसके बाद उन्होंने लगातार टेकडाउन किए और तेजी से तीन बार 2-2 अंक जुटाकर स्कोर 8-9 तक पहुंचा दिया। आखिरी 11 सेकंड में सुजीत ने एक और टेकडाउन किया। इससे उन्हें 2 अंक मिले और उनका स्कोर 10 हो गया। इसी के साथ उन्होंने कुदिएव के 9 अंकों को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड अपने नाम कर लिया।

