जेल में सुब्रत की हालत बिगड़ी, शालू की रिहाई की खबर से दिखी राहत
विनीत मिनोचा हत्याकांड में 24 सितंबर से जेल में बंद है बेटा सुब्रत, पहले दिन खाना तक नहीं खाया
कानपुर। करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में गिरफ्तार उनका बेटा सुब्रत मिनोचा पिछले पांच दिनों से जेल में बंद है। घर में सुख-सुविधाओं के बीच रहने वाला सुब्रत जेल पहुंचने के बाद शुरुआती दिनों में काफी तनाव में नजर आया। जेल अधीक्षक राजेश पांडेय के मुताबिक, अब तक परिवार का कोई सदस्य उससे मिलने जेल नहीं पहुंचा है।
जेल अधिकारियों के अनुसार, जेल पहुंचने के पहले दिन सुब्रत काफी गुमसुम रहा। उसने दूसरे बंदियों से बातचीत नहीं की और ज्यादातर समय चुपचाप बैठा रहा। रात में उमस और गर्मी के कारण वह काफी बेचैन भी रहा। जेल प्रशासन की ओर से भोजन के बारे में पूछे जाने पर उसने खाना खाने से इनकार कर दिया। पूरी रात उसने कुछ नहीं खाया। अगले दिन सुबह उसे नाश्ते में दलिया, गुड़ और चाय दी गई। इसके बाद धीरे-धीरे उसकी स्थिति सामान्य होने लगी। अब वह दूसरे बंदियों से बातचीत करने लगा है।
मुलाहिजा बैरक में रखा गया है सुब्रत
जेल प्रशासन ने सुब्रत को फिलहाल मुलाहिजा बैरक में रखा है। नए बंदियों को शुरुआती तौर पर इसी बैरक में रखा जाता है, जहां उनकी निगरानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी जांच भी की जाती है। जेल नियमों के मुताबिक करीब 14 दिन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसकी नियमित बैरक निर्धारित की जाएगी।
शालू की रिहाई की खबर सुनकर खुश हुआ सुब्रत
- जेल अधिकारियों के मुताबिक, सुब्रत जेल में बंद शालू के बारे में लगातार पूछता था। उसने शालू से मिलने की इच्छा भी जताई थी। 28 सितंबर को जब उसे शालू की जेल से रिहाई की जानकारी मिली तो वह काफी खुश नजर आया।
- उधर, 28 सितंबर की रात करीब एक बजे शालू जेल से रिहा होकर लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित अपने घर पहुंची। परिवार के मुताबिक, घर पहुंचते ही वह सबसे पहले अपने बेटे श्रीजय के पास गई। उस समय श्रीजय सो रहा था। शालू ने उसके माथे को चूमा और करीब 10 मिनट तक उसे निहारती रही।
- करीब 21 दिन बाद बेटे को सामने देखकर शालू भावुक हो गई और उसकी आंखों से आंसू निकल पड़े। इसके बाद वह अपनी मां के गले लगकर काफी देर तक रोती रही। बेटी की हालत देखकर पिता नरेश अरोड़ा भी भावुक हो गए।
सुबह मां को देखते ही लिपट गया श्रीजय
नरेश अरोड़ा के मुताबिक, 29 सितंबर की सुबह करीब सात बजे श्रीजय की नींद खुली तो सामने मां शालू को देखकर वह बेहद खुश हो गया। उसने तुरंत मां को गले लगा लिया। इसके बाद पूरे दिन वह मां के साथ ही रहा। परिवार के अनुसार, श्रीजय एक पल के लिए भी शालू को अपनी आंखों से दूर नहीं करना चाहता था। शालू ने अपने हाथों से बेटे को खाना खिलाया। मंगलवार को दिनभर रिश्तेदार और परिचित भी शालू से मिलने उसके घर पहुंचते रहे।
24 सितंबर को गिरफ्तार हुआ था सुब्रत
- पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने विनीत मिनोचा हत्याकांड का खुलासा करते हुए उनके बेटे सुब्रत मिनोचा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान पुलिस ने सुब्रत के हवाले से दावा किया था कि उसके पिता के कई महिलाओं से संबंध थे और वह उन पर काफी पैसा खर्च करते थे।
- पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने पूछताछ में बताया था कि जब वह अपने पिता से पैसे मांगता था तो वे उसे पैसे देने से मना कर देते थे। उसे यह आशंका भी थी कि उसके पिता किसी महिला से शादी कर उसे घर ले आएंगे। इससे संपत्ति में एक और हिस्सेदार बनने की स्थिति पैदा हो सकती थी।
- पुलिस का दावा है कि पूछताछ में सुब्रत ने अपने पिता की हत्या का मलाल नहीं होने की बात कही थी, हालांकि उसने यह जरूर कहा था कि उसे इस बात का दुख है कि उसके पिता को दर्दनाक तरीके से मारा गया।
5 सितंबर को हुई थी विनीत मिनोचा की हत्या
इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट के फ्लैट सी-104 में रहने वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर को हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, उन पर चाकू से कई वार किए गए थे। मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने शालू को भी हत्याकांड में आरोपी मानकर जेल भेजा था। बाद की जांच में पुलिस ने शालू की भूमिका को लेकर अपना रुख बदलते हुए उसे मामले में निर्दोष माना। पुलिस ने 25 सितंबर को शालू के पक्ष में क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल की। इसके बाद अदालत ने सुनवाई करते हुए उसकी रिहाई का आदेश दिया।
पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने रची थी साजिश
- DCP वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, सुब्रत अपने पिता से लंबे समय से नाराज था और पिछले एक-दो महीने से हत्या की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार, शुरुआत में सुब्रत ने अपने पिता की हत्या के बाद उनके भाई यानी अपने चाचा पुनीत को संदेह के घेरे में लाने की योजना बनाई थी।
- पुलिस का दावा है कि सुब्रत ने अपनी योजना अपने पुराने परिचित विशाल गौतम को बताई। विशाल पहले उसकी दुकान में काम करता था, लेकिन करीब सात महीने पहले विनीत मिनोचा ने उसे नौकरी से निकाल दिया था।
- पुलिस के मुताबिक, बाद में सुब्रत ने योजना में बदलाव किया। उसने जांच को दूसरी दिशा में ले जाने के लिए अपनी पत्नी शालू को साजिश में शामिल दिखाने की कोशिश की।
- शालू और विशाल की साथ में मौजूदगी दिखाने की कोशिश का दावा
- पुलिस के अनुसार, हत्या से करीब 20 दिन पहले सुब्रत अपनी पत्नी शालू को लेकर परेड चौराहा पहुंचा। वहां उसकी मुलाकात विशाल से हुई। इसके बाद तीनों कार से बड़ा चौराहा स्थित जेड स्क्वायर मॉल गए।
- पुलिस का दावा है कि सुब्रत खुद कार में बैठा रहा, जबकि शालू और विशाल को खरीदारी के लिए मॉल भेजा गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य ऐसा डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य तैयार करना था, जिससे बाद में मोबाइल लोकेशन आदि की जांच में शालू और विशाल की साथ मौजूदगी सामने आए।
- पुलिस का कहना है कि इसी तरह कुछ अन्य मौकों पर भी शालू और विशाल को सार्वजनिक स्थानों पर साथ दिखाने की कोशिश की गई, जबकि सुब्रत खुद उनसे अलग रहा। जांच में इन गतिविधियों और मोबाइल लोकेशन को महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा गया।
- फिलहाल सुब्रत जेल में है और मामले की जांच के आधार पर पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी है।

