बुढ़वा मंगल पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

बुढ़वा मंगल पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब

देर रात से ही मंदिरों में पहुंचने लगे श्रद्धालु, मंगला आरती के बाद दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

कानपुर। बुढ़वा मंगल के पावन अवसर पर मंगलवार को कानपुर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह होते ही प्रमुख हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गई। भगवान हनुमान के दर्शन, मंगला आरती और पूजा-अर्चना के लिए भक्त सोमवार देर रात से ही मंदिरों में पहुंचने लगे थे। पनकी स्थित प्रसिद्ध पंचमुखी हनुमान मंदिर और कुढ़नी क्षेत्र के मंदिर में सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। रात से ही मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।

पनकी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में सोमवार रात करीब 12 बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ही देर में मंदिर परिसर के बाहर भक्तों की भीड़ बढ़ती चली गई। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग भगवान हनुमान के दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालु हाथों में पूजा की थाली, फूल-माला और प्रसाद लेकर कतार में खड़े नजर आए।

मंगलवार तड़के करीब एक बजे मंगला आरती हुई। आरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। पट खुलते ही भक्तों ने कतारबद्ध होकर पंचमुखी हनुमान जी के दर्शन किए। दर्शन शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ के बीच ‘जय बजरंगबली’ और ‘जय श्रीराम’ के जयकारे गूंजते रहे।

बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी भगवान हनुमान के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के सामने माथा टेककर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर के आसपास प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें भी सजी रहीं।

कुढ़नी में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

कुढ़नी स्थित हनुमान मंदिर में भी बुढ़वा मंगल को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। रात से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला सुबह तक जारी रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भजन-कीर्तन और हनुमान जी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कई श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे। लोगों ने कतार में लगकर दर्शन किए और प्रसाद चढ़ाया। बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चों तक में भगवान हनुमान के दर्शन को लेकर उत्साह दिखाई दिया।

सलेमपुर बालाजी मंदिर में भी गूंजे जयकारे

महराजपुर क्षेत्र के सलेमपुर स्थित बालाजी मंदिर में भी बुढ़वा मंगल पर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर में भक्तों ने बालाजी महाराज के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ और ‘बजरंगबली की जय’ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेककर प्रसाद चढ़ाया और भगवान से परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। सुबह के समय मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती रही।

बजरंग धाम मंदिर में भजन-कीर्तन के बीच दर्शन

पतारा के अति प्राचीन बजरंग धाम मंदिर में भी बुढ़वा मंगल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर परिसर में भगवान हनुमान के भजन और कीर्तन का आयोजन हुआ। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर में पहुंचे भक्तों ने भगवान हनुमान को सिंदूर, फूल और प्रसाद अर्पित किया। श्रद्धालुओं के जयकारों और भजनों से मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

रमईपुर में बाबा गुफा और ब्रह्मदेव मंदिर में भी पहुंचे सैकड़ों भक्त

रमईपुर स्थित बाबा गुफा मंदिर और ब्रह्मदेव मंदिर में भी बुढ़वा मंगल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी। आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचे। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर भगवान के दर्शन किए। सुबह के समय मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी चहल-पहल बढ़ गई। भक्तों ने मंदिरों में माथा टेककर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। जगह-जगह भजन-कीर्तन और धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

आस्था के साथ दिखा उत्साह

बुढ़वा मंगल पर शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ ने धार्मिक उत्सव का माहौल बना दिया। देर रात से मंदिर पहुंचने वाले भक्तों का सिलसिला सुबह तक जारी रहा। कई श्रद्धालु मंगला आरती में शामिल होने के लिए रात में ही मंदिर पहुंच गए थे। मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। सुबह की पहली किरण के साथ ही प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारें और लंबी होती गईं। चारों ओर हनुमान जी के जयकारों और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही। बुढ़वा मंगल के अवसर पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में दिनभर इसी तरह आस्था और भक्ति का माहौल बना रहने की उम्मीद रही।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *