पति की मौत के बाद मिली बीमा रकम में से 40 लाख गायब, महिला हेड कांस्टेबल ने बैंक कर्मचारी पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप
एसबीआई खाते से 15, 10 और 15 लाख रुपये के तीन ट्रांजेक्शन का दावा, कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज
कानपुर। पति की मौत के बाद कानूनी लड़ाई लड़कर हासिल की गई टर्म इंश्योरेंस की रकम में से महिला हेड कांस्टेबल के एसबीआई खाते से 40 लाख रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। महिला ने फलबाग स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा की बैंक कर्मचारी ज्योति भास्कर और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बैंक रिकॉर्ड में तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए उनके खाते से 15 लाख, 10 लाख और 15 लाख रुपये निकाले गए। इन लेनदेन से संबंधित दस्तावेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए।
मामले में महिला हेड कांस्टेबल राधा की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने बैंक कर्मचारी ज्योति भास्कर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक के रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पति की मौत के बाद बीमा रकम के लिए लड़ीं कानूनी लड़ाई
राधा का खाता फलबाग स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में है। उनके पति प्रवेश कुमार पुलिस विभाग में सिपाही थे। परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने टर्म इंश्योरेंस कराया था। पति की मौत के बाद बीमा की रकम हासिल करने के लिए राधा को कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। उन्होंने जिला न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट तक पैरवी की।
अदालत के आदेश के बाद बीमा कंपनी से 60.40 लाख रुपये राधा के एसबीआई खाते में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने इस रकम को एफडी के माध्यम से सुरक्षित रखने की योजना बनाई।
छह एफडी कराने बैंक पहुंची थीं
राधा के मुताबिक, वह 22 मई को छह एफडी कराने बैंक गई थीं। आरोप है कि बैंक कर्मचारी ज्योति भास्कर ने उनके नाम पर 10-10 लाख रुपये की दो एफडी कर दीं। बाकी चार एफडी दो-तीन दिन के अंतराल में कराने की बात कही गई।
राधा का आरोप है कि कर्मचारी ने उन्हें बताया कि एक साथ पूरी रकम की एफडी कराने पर टीडीएस कट जाएगा। इसी वजह से वह बाकी रकम की एफडी कराने के लिए बाद में बैंक आती रहीं।
तीन ट्रांजेक्शन में निकले 40 लाख
इसी दौरान बैंक खाते के रिकॉर्ड में तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 40 लाख रुपये निकलने की जानकारी सामने आई। इनमें 15 लाख, 10 लाख और 15 लाख रुपये शामिल हैं।
राधा का कहना है कि जब उन्हें खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई तो उन्होंने बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि इन लेनदेन से संबंधित कोई कागजी रिकॉर्ड भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया।
इसके बाद उन्होंने 31 जुलाई को बैंक की मुख्य शाखा में लिखित शिकायत देकर खाते से निकाली गई रकम की जानकारी और धनराशि वापस कराने की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने शुरू की जांच
राधा ने बैंक कर्मचारी और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। कोतवाली थाना प्रभारी अरुण द्विवेदी ने बताया कि शिकायत के आधार पर ज्योति भास्कर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। बैंक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

