बिजनौर में दंपती के शव अलग-अलग जगह मिले
बिजनौर। जलालपुर काजी क्षेत्र में पति-पत्नी के शव अलग-अलग स्थानों पर मिलने से सनसनी फैल गई। 45 वर्षीय देशराज उर्फ छोटे सोमवार सुबह अपनी पत्नी सुषमा के साथ गंगा खादर स्थित खेत पर चारा और लकड़ी लेने गया था। दोनों देर तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बेटी कामिनी ने छोटे भाई हनी को खेत पर भेजा। वहां दोनों नहीं मिले, लेकिन चकरोड के पास सुषमा की चप्पल और कुछ दूरी पर देशराज की चप्पल पड़ी मिली। पास में खून के निशान भी मिले, जिससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। सूचना पर पुलिस और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की। शुरुआत में जंगली जानवर के हमले की आशंका भी जताई गई, लेकिन सोमवार देर शाम तक दोनों का पता नहीं चल सका। मंगलवार सुबह दोबारा तलाश के दौरान गंगा के किनारे पानी में गिरे शहतूत के पेड़ में सुषमा का शव फंसा मिला। पुलिस के अनुसार, महिला का गला दुपट्टे से बंधा था और उसी दुपट्टे के सहारे शव पेड़ से बंधा हुआ था। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद देशराज की तलाश की गई तो करीब डेढ़ किलोमीटर दूर उसका शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पुलिस के मुताबिक, फंदा बाइक के क्लच के तार से बनाया गया था। मौके पर देशराज के कपड़े नहीं मिले और उसके शरीर पर उसकी पत्नी की सलवार मिली। इस परिस्थिति को लेकर पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है। फिलहाल मौत के कारण और घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक दंपती के पीछे दो बेटियां और दो बेटे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
खेत में मिलीं चप्पल और खून के निशान
सोमवार सुबह देशराज अपनी पत्नी के साथ गंगा खादर के खेत पर गया था। दोपहर बाद तक दोनों घर नहीं लौटे तो परिवार ने तलाश शुरू की। बेटे हनी को खेत पर भेजा गया, जहां माता-पिता नहीं मिले। चकरोड के पास सुषमा की चप्पल और कुछ दूरी पर देशराज की चप्पल पड़ी थी। आसपास खून के निशान भी मिले। इससे किसी अनहोनी की आशंका गहरा गई। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। शुरुआती तौर पर जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई गई, लेकिन तलाश के बावजूद सोमवार को दोनों का पता नहीं चल सका।

