कानपुर में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, बैराज पर 4.17 लाख क्यूसेक पानी
कानपुर में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा, बैराज पर 4.17 लाख क्यूसेक पानी
वार्निंग लेवल से 71 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, शुक्लागंज में भी चेतावनी सीमा पार; औरैया में यमुना का जलस्तर घट रहा
कानपुर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच कानपुर में बाढ़ की चिंता अभी पूरी तरह टली नहीं है। शुक्रवार सुबह 8 बजे जारी फ्लड कंट्रोल कार्यालय, एलजीसी कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में गंगा का जलस्तर 114.710 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित वार्निंग लेवल 114 मीटर से 71 सेंटीमीटर ऊपर है। डाउनस्ट्रीम में जलस्तर 114.350 मीटर रहा।
कानपुर बैराज से इस समय 4,17,201 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि यह मात्रा खतरे के स्तर पर निर्धारित 5,44,373 क्यूसेक डिस्चार्ज से कम है, लेकिन लगातार बढ़े जलस्तर के कारण नदी किनारे बसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
शुक्लागंज में भी चेतावनी सीमा पार
शुक्लागंज में सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 113.060 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का स्तर 114 मीटर निर्धारित है। यानी शुक्लागंज में भी जलस्तर चेतावनी सीमा को पार कर चुका है और खतरे के निशान से अभी 94 सेंटीमीटर नीचे है।
गंगा के दोनों किनारों पर बसे निचले इलाकों में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की टीमें स्थिति की निगरानी कर रही हैं।
हरिद्वार और नरौरा से भी पानी छोड़ा गया
रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार बैराज से 62,127 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 86,985 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी का असर आगे चलकर गंगा के जलस्तर पर पड़ सकता है, इसलिए कानपुर में प्रशासन की निगाह upstream डिस्चार्ज पर भी बनी हुई है।
औरैया में यमुना का जलस्तर घटा
उधर औरैया में यमुना नदी को लेकर राहत की खबर है। शुक्रवार सुबह 8 बजे यमुना का जलस्तर 106.530 मीटर दर्ज किया गया और नदी का ट्रेंड घटता हुआ बताया गया है। यहां चेतावनी स्तर 112 मीटर और खतरे का स्तर 113 मीटर है।
इस लिहाज से औरैया में यमुना अभी चेतावनी स्तर से करीब 5.47 मीटर नीचे है। रिपोर्ट में शुक्रवार को बारिश भी शून्य दर्ज की गई है।
निचले इलाकों में खतरा बरकरार
कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर वार्निंग लेवल से ऊपर होने के कारण नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में खतरा अभी बना हुआ है। खासकर तटवर्ती और पहले से जलभराव प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
फिलहाल कानपुर बैराज का जलस्तर खतरे के निशान 115 मीटर से 29 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन की निगाह अब जलस्तर के अगले कुछ घंटों के रुझान और बैराजों से आने वाले पानी पर टिकी है।

