बिधनू में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बिजली विभाग को सौंपा ज्ञापन
बिधनू में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बिजली विभाग को सौंपा ज्ञापन
जल्द आपूर्ति दुरुस्त न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
कानपुर। कस्बा बिधनू समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। भीषण गर्मी, उमस और मच्छरों के प्रकोप के बीच घंटों बिजली गुल रहने से नाराज ग्रामीण शुक्रवार को बिधनू विद्युत उपकेंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध जताते हुए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित विद्युत आपूर्ति की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम खेरसा बिधनू और आसपास के क्षेत्रों की आपूर्ति साढ़ सब स्टेशन से जोड़े जाने के बाद से बिजली व्यवस्था और खराब हो गई है। दिन हो या रात, बिना किसी पूर्व सूचना के कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। रात में बिजली कटौती के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को उमस भरी गर्मी में रात गुजारने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार बिजली आने-जाने से घरों में लगे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने अधिकारियों से आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम ग्राम प्रशासक बिधनू नत्थू लाल दिवाकर एवं वरिष्ठ सपा नेता बृजेंद्र सिंह यादव के संयुक्त नेतृत्व में हुआ। ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी सुजीत कुमार तिवारी को मांग पत्र सौंपा। इस दौरान अवर अभियंता बिधनू करन सिंह और राजकुमार राजपूत भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने दिया तकनीकी आपूर्ति का हवाला
उपखंड अधिकारी सुजीत कुमार तिवारी ने ग्रामीणों की शिकायत और ज्ञापन प्राप्त होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन से उपकेंद्र को जितनी बिजली उपलब्ध होती है, उसी के अनुसार आगे ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ और निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

