विनीत मिनोचा हत्याकांड: घर लौटने के 7 मिनट बाद बहू के कमरे में मिले हत्यारे
डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट में दाखिल हुए थे विशाल और राजकिशोर, हत्या से पहले तीन बार हुई फोन पर बातचीत; वसीयत भी जांच के दायरे में
कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस की पड़ताल के मुताबिक, 5 सितंबर की रात घर लौटने के करीब सात मिनट बाद विनीत को बहू शालू के बेडरूम में दो सुपारी किलर विशाल गौतम और राजकिशोर के छिपे होने का पता चला। दोनों से उनका संघर्ष हुआ और करीब 10 मिनट के भीतर कारोबारी की हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले दोनों आरोपियों ने फ्लैट में दाखिल होने और हत्या की योजना को लेकर फोन पर बातचीत की थी। रात 10:29 से 10:37 बजे के बीच विशाल और राजकिशोर के बीच तीन बार फोन पर बातचीत हुई। पहली कॉल 22 सेकेंड, दूसरी 44 सेकेंड और तीसरी 62 सेकेंड की थी। पुलिस इन कॉल को वारदात से पहले की तैयारी से जोड़कर जांच कर रही है।
पहले एक आरोपी के अंदर जाने की थी योजना
पूछताछ में सामने आया है कि शुरुआत में योजना एक आरोपी के फ्लैट के अंदर जाने और दूसरे के बाहर निगरानी करने की थी। हालांकि, विनीत के मजबूत शरीर को देखते हुए दोनों ने साथ अंदर जाने का फैसला किया। इसके बाद डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट में दाखिल होकर दोनों ने शालू के बेडरूम में छिपने की योजना बनाई।
पुलिस ने विशाल, शालू और सुब्रत के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली है। जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ के साथ सीडीआर के जरिए भी वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
चार घंटे की किटी पार्टी की रिकॉर्डिंग कब्जे में
जांच के दौरान पुलिस ने तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में हुई कपल किटी पार्टी की करीब चार घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कब्जे में ली है। पुलिस पार्टी में शामिल लोगों की गतिविधियों और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
इसके अलावा रजिस्ट्री कार्यालय से विनीत की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार वसीयत का दस्तावेज भी पुलिस को मिला है। वसीयत में संपत्ति से जुड़े प्रावधानों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दस्तावेज में संपत्ति किसके नाम की गई थी और इसका हत्या से कोई संबंध है या नहीं।
हत्या से दो दिन पहले खरीदा था नया सिम
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, विशाल ने हत्या से दो दिन पहले 3 सितंबर को नया सिम खरीदा था। सिम लेने के लिए उसने शिवम नाम के व्यक्ति के आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया था।
नए नंबर से 3 से 6 सितंबर के बीच विशाल ने शालू से सात और सुब्रत से छह बार बातचीत की। वहीं, कॉल डिटेल में सामने आया कि 1 मई से 6 सितंबर के बीच विशाल और राजकिशोर के बीच 21 बार फोन पर बातचीत हुई थी। हत्या के बाद 6 सितंबर की सुबह 7:57 बजे विशाल ने नया सिम बंद कर दिया।
48 मिनट तक अपार्टमेंट में घूमते रहे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात 8:46 बजे विशाल और सुब्रत, शालू के कहने पर गजरा लेकर पहुंचे थे। इसके बाद रात करीब 9:38 बजे विशाल और राजकिशोर अपार्टमेंट में दाखिल हुए। करीब 9:50 बजे शालू को सामान देने के बाद दोनों परिसर में घूमते रहे।
इसी दौरान दोनों के बीच मोबाइल पर तीन बार बातचीत हुई। रात 10:38 बजे दोनों डुप्लीकेट चाबी से विनीत के फ्लैट में दाखिल हुए। करीब 20 मिनट बाद 10:58 बजे विनीत घर पहुंचे। उन्हें शालू के कमरे से आहट सुनाई दी। कमरे में पहुंचने पर दोनों आरोपी छिपे मिले। इसके बाद विनीत और आरोपियों के बीच संघर्ष हुआ।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद रात 11:15 बजे दोनों आरोपी फ्लैट से बाहर निकलते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए।
हत्या के बाद दोस्त को किया फोन
वारदात के बाद विशाल ने नया सिम बंद कर दिया। पुलिस के अनुसार, उसने इसी नंबर से उबर कैब बुक की थी। रात 11:38 बजे उसने मीरपुर कैंट निवासी अपने दोस्त नैतिक वर्मा उर्फ किशन को फोन किया। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई। पुलिस अब इस कॉल की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या के बाद विशाल कहां गया और किन लोगों के संपर्क में रहा।
शालू और विशाल की 24 घंटे की रिमांड मांगी
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि बहू शालू और सुपारी किलर विशाल से पूछताछ तथा बेटे सुब्रत से क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए कोर्ट से 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी गई है। बुधवार को कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी ने रिमांड के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर गुरुवार को सुनवाई होगी।
वहीं, शालू की जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई। शालू के अधिवक्ता की ओर से फिलहाल जमानत याचिका पर जोर नहीं दिया गया।

