आरटीओ में अब नहीं भटकेंगे वाहन स्वामी, हर काम के लिए तय हुई खिड़की
मुख्य गेट पर लगा डिस्प्ले बोर्ड, काउंटर नंबर से लेकर कर्मचारी और शुल्क की जानकारी; हेल्पडेस्क पर दो कर्मियों की ड्यूटी
कानपुर। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में वाहन स्वामियों को अब काम कराने के लिए एक खिड़की से दूसरी खिड़की के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कार्यालय में अलग-अलग स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें काउंटर संख्या, संबंधित काम, कर्मचारी का नाम और निर्धारित शुल्क समेत जरूरी जानकारी दर्ज की गई है।
यह व्यवस्था कार्यालय में वाहन स्वामियों की परेशानी को लेकर प्रकाशित खबर के बाद लागू की गई है। प्रशासनिक भवन के हेल्पडेस्क पर दो कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, जो कार्यालय आने वाले लोगों को उनके काम के अनुसार संबंधित काउंटर की जानकारी देंगे।
मुख्य गेट पर लगाया गया डिस्प्ले बोर्ड
करीब 20 दिन पहले आरटीओ में हुई कार्रवाई के बाद कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे थे। कई वाहन स्वामी संबंधित बाबू और उनकी खिड़की तलाशते नजर आए थे। खासकर पहली बार आरटीओ पहुंचने वाले और बिना बिचौलिये काम कराने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने कार्यालय की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की पहल की है। मुख्य गेट पर लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड में काउंटर नंबर के साथ वहां होने वाले कार्य, संबंधित कर्मचारी और शुल्क की जानकारी दी गई है। इससे वाहन स्वामी कार्यालय पहुंचते ही यह जान सकेंगे कि उन्हें किस काम के लिए किस काउंटर पर जाना है।
अधिकारियों ने काउंटरों का किया निरीक्षण
आरटीओ प्रशासन राकेंद्र कुमार सिंह और एआरटीओ प्रशासन कहकशा खातून ने कार्यालय में लागू नई व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कार्य आवंटन बोर्ड, शुल्क संबंधी विवरण, काउंटर नंबर और कर्मचारियों के नाम वाले डिस्प्ले बोर्ड देखे।
इसके बाद दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग काउंटरों पर पहुंचकर वाहन स्वामियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने यह भी पूछा कि नई व्यवस्था के तहत काम कराने में उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन स्वामियों को कार्यालय में इधर-उधर भटकने से बचाने के साथ ही बिचौलियों पर निर्भरता कम करना और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना है।

