होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के ईरान के दावे को अमेरिका ने नकारा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और उस पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया गया था। सेंटकॉम के अनुसार, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य से अभी भी व्यापारिक और ऊर्जा से जुड़े जहाजों की आवाजाही जारी है। अमेरिकी कमांड ने कहा कि इस मार्ग से करीब दो करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजर रहा है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक जनरल ने मीडिया में जलडमरूमध्य बंद होने और ईरान के पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है, लेकिन यह दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता। अमेरिकी कमांड के मुताबिक, होर्मुज से इस समय भी जहाज गुजर रहे हैं और इनमें व्यापारिक सामान के साथ ऊर्जा की खेप भी शामिल है। उसने यह भी दावा किया कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों का इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर स्पष्ट नियंत्रण है। अमेरिकी बयान ईरानी आईआरजीसी कमांडर के सलाहकार मोहम्मदरेजा नकदी के बयान के बाद आया। नकदी ने बुधवार को कहा था कि जिन समुद्री रास्तों से होने वाले आवागमन को ईरान गैरकानूनी मानता है, उन्हें जल्द बंद कर दिया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि होर्मुज को लेकर तेहरान का रुख अब भी सख्त बना हुआ है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने युद्ध समाप्त करने और खाड़ी क्षेत्र तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा बहाल करने के लिए अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से मिले प्रस्तावों का जवाब ईरान मध्यस्थों के जरिए देगा। इससे संकेत मिलता है कि सैन्य टकराव के बीच कूटनीतिक संपर्क की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बघाई ने यह भी दावा किया कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर सहमति बनी है। दोनों देशों ने जहाजों के लिए सुरक्षित रास्तों के भौगोलिक निर्देशांक पर सहमति बनाने की बात कही है और इस व्यवस्था को संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्था के सामने रखने पर भी समझ बनी है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी यह विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा कारोबार का प्रमुख समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही में किसी भी बड़े व्यवधान से अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा और इसके बाद तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म कर दिया है। सैन एंटोनियो में रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी रैली के लिए रवाना होते समय उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को युद्ध कहा जा सकता है, क्योंकि अमेरिका को ईरान की परमाणु क्षमता से निपटना है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास परमाणु शक्ति होती तो दुनिया को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता था। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के दावों में स्पष्ट अंतर बना हुआ है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की स्थिति और दोनों देशों के बीच बातचीत की दिशा पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
ईरान के दावे पर अमेरिकी जवाब
सेंटकॉम ने ईरान के इस दावे को गलत बताया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद हो चुका है। अमेरिकी कमांड के मुताबिक, जलमार्ग से अभी भी व्यापारिक और ऊर्जा से जुड़े जहाज गुजर रहे हैं। करीब दो करोड़ बैरल कच्चे तेल के आवागमन का दावा भी किया गया है। सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों का इस मार्ग पर नियंत्रण है। वहीं, ईरानी पक्ष की ओर से समुद्री आवागमन पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है। इससे दोनों देशों के बीच होर्मुज को लेकर मतभेद और गहरा होता दिखाई दे रहा है।
ईरान-ओमान के बीच सुरक्षित रास्ते पर सहमति
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर सहमति बनी है। दोनों पक्षों ने सुरक्षित समुद्री रास्तों के भौगोलिक निर्देशांक पर सहमति बनाने का दावा किया है। इस व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराने के तरीके पर भी समझ बनने की बात कही गई है। यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि होर्मुज से होने वाली जहाजों की आवाजाही वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

