मिडल ईस्ट में ईरान की मनमानी रोकी, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोला हमला, आतंक का पर्याय देश बताया
न्यूयॉर्क। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में आना सम्मान की बात है और हम काफी प्रगति कर रहे हैं। हमारा देश बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया का अमेरिका में स्वागत करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि अमरीका की वापसी हो चुकी है। उनके मुताबिक, आज अमरीका पहले से ज्यादा मजबूत है। इस दौरान ट्रंप ने ईरान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ईरान को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला नंबर वन देश बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 51 सालों से ईरान की कट्टरपंथी सरकार ने खून-खराबे और हत्याओं के जरिए ही शासन किया।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने पूरे मिडल ईस्ट और उसके बाहर भी मौत, तबाही और अफरा तफरी मचाई. उन्होंने कहा कि ईरान कभी मिडिल ईस्ट में दादागिरी करता था, लेकिन अब ईरान ऐसा नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के पहले दिन से ही उनका रुख बिलकुल स्पष्ट है कि वे कभी भी ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। ट्रंप ने एक बार फिर आठ युद्धों को रुकवाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि व्यापार, टैरिफ (आयात शुल्क) के इस्तेमाल और टैरिफ की धमकी जैसे तरीकों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इन युद्ध रुकवाया। ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान और अर्मेनिया-अजरबैजान को मिलाकर कुल आठ युद्ध रुकवाने का दावा किया।
अमरीका बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाए, तो ईरान सात दिन के भीतर होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार
तेहरान। ईरान ने कहा है कि अगर अमरीका सैन्य दबाव कम करे और बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा ले, तो वह सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल सकता है। इसे ईरान की ओर से अब तक का सबसे आसान प्रस्ताव माना जा रहा है। ईरान के सीनियर अधिकारी ने कहा कि अमरीका को यह घोषणा करनी होगी कि वह इस मुद्दे को कूटनीतिक तरीके से सुलझाना चाहता है, इसे आधिकारिक बनाना होगा और फिर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक समय-सीमा पर सहमत होना होगा।

