विनीत मिनोचा हत्याकांड में नया मोड़, बहू शालू ने मांगी मजिस्ट्रेट के सामने बयान की अनुमति
कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच के बीच शनिवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब जेल में बंद आरोपी बहू शालू की ओर से मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने की मांग की गई। पुलिस कस्टडी रिमांड की सुनवाई के दौरान शालू के अधिवक्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की अनुमति मांगी। अभियोजन ने इस मांग का विरोध किया। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की है।
शालू के अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान उसके नाम से जो बयान दर्ज किए हैं, वे उसके वास्तविक बयान नहीं हैं। अधिवक्ता ने यह भी दावा किया कि बयान की नियमानुसार वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं कराई गई। इसी आधार पर शालू की ओर से अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखने की इच्छा जताई गई है।
पुलिस रिमांड में चाबी बरामदगी की कोशिश
विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहू शालू, पुराने कर्मचारी विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। विवेचक ने जेल में शालू और विशाल से पूछताछ के दौरान बयान दर्ज किए थे। इन्हीं बयानों के आधार पर दोनों की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी गई है। पुलिस रिमांड मिलने पर विवेचक फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद करने समेत मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने का प्रयास करेगी। शनिवार को इसी रिमांड अर्जी पर सुनवाई के दौरान शालू को अदालत में पेश किया गया था।
अभियोजन ने अर्जी का किया विरोध
शालू के अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि पुलिस जिस बयान को आधार बनाकर रिमांड मांग रही है, वह शालू का बयान नहीं है। अधिवक्ता के मुताबिक, पूछताछ के दौरान बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं कराई गई। इसलिए शालू स्वयं मजिस्ट्रेट के सामने अपना पक्ष रखना चाहती है। वहीं अभियोजन पक्ष ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि कानून में इस तरह की प्रक्रिया का प्रावधान नहीं है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने अर्जी पर फैसला अगली सुनवाई में करने के लिए 22 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
बयान से बदल सकती है जांच की दिशा
अब सबकी नजर 22 सितंबर की सुनवाई पर है। यदि अदालत शालू को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने की अनुमति देती है और वह जांच से अलग कोई तथ्य सामने रखती है, तो पुलिस की विवेचना में नए सवाल जुड़ सकते हैं। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शालू अपने बयान में क्या कहेगी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी जांच जारी रखी है। हत्या की परिस्थितियों और संभावित भूमिका को लेकर पुलिस कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। ऐसे में शालू की ओर से कोई नया तथ्य सामने आने पर जांच की दिशा प्रभावित हो सकती है।
पार्टी से लौटे तो कमरे में मिला था खून से लथपथ शव
कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की पांच सितंबर की देर रात हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनका बेटा और बहू बाहर पार्टी में गए थे। सुबह करीब 4:13 बजे दोनों वापस लौटे तो कमरे में विनीत का शव पड़ा मिला। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के गले पर चोट के निशान थे और शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
सीसीटीवी में दिखे थे दो संदिग्ध
पुलिस ने अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो लोगों के फ्लैट में आने-जाने की तस्वीरें सामने आई थीं। इनमें एक व्यक्ति के पूर्व कर्मचारी होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और जांच आगे बढ़ाई। अब शालू की ओर से मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने की मांग ने इस चर्चित हत्याकांड में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। अदालत के अगले आदेश और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि मामले की आगे की दिशा क्या होगी।

