महिला कांस्टेबल सुसाइड केस में नया खुलासा: प्रतीक्षा की मौत के बाद प्रेमी ने भी रीसेट किया मोबाइल
कानपुर। रेउना थाना क्षेत्र में महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा सिंह के आत्महत्या मामले में पुलिस जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। प्रतीक्षा की मौत के बाद उसके कथित प्रेमी और उससे 23 साल बड़े शादीशुदा कोचिंग संचालक विक्रम सिंह चंदेल ने भी अपना मोबाइल फोन रीसेट कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में विक्रम ने बताया कि प्रतीक्षा की मौत की खबर सुनकर वह घबरा गया था। उसे डर था कि आत्महत्या से पहले उसकी प्रतीक्षा से बातचीत हुई थी और पुलिस कॉल डिटेल व मोबाइल की जांच कर सकती है।
पुलिस को आशंका है कि विक्रम के मोबाइल में प्रतीक्षा से जुड़ी कुछ फोटो और वीडियो भी हो सकते हैं। आरोप है कि इन्हीं को वायरल करने की धमकी देकर वह उसे मानसिक रूप से परेशान करता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस मोबाइल का डाटा रिकवर करा रही है। आरोपी का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा गया है।
पुलिस ने शनिवार देर शाम विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
2022 में कोचिंग के दौरान हुई थी दोनों की मुलाकात

गिरसी गांव निवासी प्रतीक्षा सिंह की वर्ष 2025 में पुलिस कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुई थी। उसके पिता विजय सिंह किसान हैं, जबकि मां सुषमा सिंह गृहिणी हैं। परिवार में भाई राजवीर और बहनें दीपा व दिव्या हैं। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, प्रतीक्षा की मुलाकात वर्ष 2022 में सचेंडी के विनौर गांव निवासी विक्रम सिंह चंदेल से हुई थी। उस समय विक्रम कोचिंग चलाता था। बाद में वर्ष 2023 में उसने कोचिंग बंद कर कानपुर की एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी शुरू कर दी, लेकिन इसके बावजूद वह प्रतीक्षा के लगातार संपर्क में रहा। वर्ष 2025 में प्रतीक्षा की पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुई। उसकी तैनाती अमेठी के मोहनगंज थाने में हुई थी।
सात दिन की छुट्टी लेकर घर आई थी प्रतीक्षा
30 सितंबर को प्रतीक्षा सात दिन की छुट्टी लेकर रेउना थाना क्षेत्र स्थित अपने गांव गिरसी पहुंची थी। घर पहुंचने के बाद उसने आराम करने की बात कही और अपने कमरे में चली गई। दोपहर करीब दो बजे उसकी छोटी बहन कमरे में पहुंची तो प्रतीक्षा को फंदे से लटका पाया। बहन ने इसकी जानकारी माता-पिता को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच की। इसी दौरान प्रतीक्षा का मोबाइल फोन रीसेट मिला।
जनवरी से सितंबर तक करीब पांच हजार कॉल
प्रतीक्षा के पिता विजय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 45 वर्षीय विक्रम सिंह चंदेल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। डीसीपी साउथ के मुताबिक, विक्रम लगातार प्रतीक्षा के संपर्क में था। पुलिस जांच में जनवरी से सितंबर के बीच दोनों के मोबाइल नंबरों के बीच करीब पांच हजार कॉल सामने आई हैं। इनमें सबसे लंबी बातचीत करीब चार घंटे तक की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, अमेठी में ज्वाइनिंग के बाद प्रतीक्षा की किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई थी। इसकी जानकारी विक्रम को होने पर दोनों के बीच विवाद भी होने लगे थे।
आत्महत्या से पहले तीन बार हुई बातचीत
पुलिस जांच के मुताबिक, घटना से पहले विक्रम और प्रतीक्षा के बीच तीन बार बातचीत हुई थी। पहली बातचीत सुबह करीब 30 मिनट चली। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे दोनों के बीच करीब 15 मिनट तक बात हुई। तीसरी बार दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। इसके बाद प्रतीक्षा ने अमेठी में तैनात एक अन्य कांस्टेबल से करीब 30 से 35 मिनट बातचीत की। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद उसने अपना मोबाइल रीसेट किया और फिर आत्महत्या कर ली। इन कॉल्स की टाइमिंग और मोबाइल में मौजूद डाटा को पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
प्रतीक्षा की मौत के बाद विक्रम ने क्यों रीसेट किया मोबाइल?
पुलिस के अनुसार, प्रतीक्षा की आत्महत्या की जानकारी मिलने के बाद विक्रम ने भी अपना मोबाइल फोन रीसेट कर दिया था। पूछताछ में विक्रम ने पुलिस को बताया कि वह डर गया था। उसे लगा कि आत्महत्या से पहले उसकी प्रतीक्षा से बातचीत हुई थी और पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल व अन्य डाटा की जांच करेगी। हालांकि पुलिस को आशंका है कि मोबाइल में प्रतीक्षा से संबंधित फोटो और वीडियो मौजूद हो सकते हैं। इन्हें लेकर धमकी देने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल फोरेंसिक लैब भेजकर डिलीट और रीसेट किए गए डाटा को रिकवर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
‘भाई’ बनकर घर आता-जाता था विक्रम
डीसीपी के मुताबिक, परिजनों ने पुलिस को बताया कि विक्रम प्रतीक्षा को बहन मानता था और इसी रिश्ते की आड़ में वह घर आता-जाता था। दूसरी ओर, पुलिस पूछताछ में विक्रम ने बताया कि प्रतीक्षा के घरवाले उसकी शादी तय करना चाहते थे। इसी बात को लेकर घटना वाले दिन दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आत्महत्या से पहले दोनों के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई थी और क्या इस बातचीत का प्रतीक्षा के आत्मघाती कदम से कोई संबंध था।
पिता ने विभागीय सहकर्मी पर भी लगाए गंभीर आरोप
प्रतीक्षा के पिता विजय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में विभागीय स्तर पर भी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मोहनगंज थाने में ड्यूटी के दौरान एक विभागीय सहकर्मी उनकी बेटी को लगातार परेशान करता था और उसके करियर व जीवन को बर्बाद करने की धमकियां दी जाती थीं। पिता ने बेटी को अवकाश नहीं दिए जाने और कार्यस्थल पर प्रताड़ित किए जाने के भी आरोप लगाए हैं। विजय सिंह के मुताबिक, जब भी प्रतीक्षा छुट्टी लेकर घर आती थी तो वह डरी-सहमी रहती थी। परिवार ने कई बार उससे इसकी वजह जानने की कोशिश की, लेकिन उसने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया था।
अब इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
प्रतीक्षा की मौत के बाद सामने आए मोबाइल डाटा और कॉल रिकॉर्ड की जांच से मामले में कई अहम सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि—
- आत्महत्या से पहले प्रतीक्षा और विक्रम के बीच क्या बातचीत हुई?
- विक्रम ने प्रतीक्षा की मौत के बाद अपना मोबाइल क्यों रीसेट किया?
- मोबाइल में प्रतीक्षा से जुड़ी फोटो और वीडियो थे या नहीं?
- क्या किसी फोटो या वीडियो को वायरल करने की धमकी दी गई थी?
- प्रतीक्षा और अमेठी में तैनात कांस्टेबल के बीच हुई बातचीत में क्या बात हुई?
- पिता द्वारा लगाए गए विभागीय प्रताड़ना के आरोपों में कितनी सच्चाई है?
फिलहाल पुलिस विक्रम के मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद आत्महत्या से पहले के घटनाक्रम और मामले में आरोपों की स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

