छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोप में पूर्व सेंटर इंचार्ज गिरफ्तार, छात्र की मां को भी किया था ब्लैकमेल
कानपुर। काकादेव स्थित दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास केंद्र (रिहैब सेंटर) से जुड़े एक मामले में पुलिस ने पूर्व सेंटर इंचार्ज विपिन अडानी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने केंद्र में पढ़ने वाली 18 वर्षीय दिव्यांग छात्रा का अश्लील वीडियो उसके पिता को भेजने से पहले वीडियो में दिख रहे 24 वर्षीय छात्र की मां को ब्लैकमेल किया था। उसने महिला पर यौन संबंध बनाने का दबाव बनाया। महिला के इनकार करने पर आरोपी ने वीडियो छात्रा के पिता को भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वीडियो के साथ केंद्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए थे। मामले में आइटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विपिन अडानी पहले इसी पुनर्वास केंद्र में इंचार्ज के पद पर काम करता था। उसे मार्च 2026 में गबन समेत अन्य आरोपों के चलते नौकरी से निकाल दिया गया था। पुलिस का कहना है कि वीडियो वायरल करने के पीछे उसका मकसद केंद्र को बदनाम करना भी था। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और केंद्र में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े आरोपों की जांच अलग-अलग तथ्यों के आधार पर की जा रही है।
वीडियो भेजने से पहले छात्र की मां को किया ब्लैकमेल
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, छात्रा के पिता को अश्लील वीडियो भेजने के मामले की जांच के दौरान बजरिया निवासी विपिन अडानी का नाम सामने आया। जांच में पता चला कि आरोपी ने वीडियो सबसे पहले उसमें दिख रहे छात्र की मां को भेजा था। महिला भी उसी पुनर्वास केंद्र में शिक्षिका हैं और उनका बेटा वहां पढ़ता था।
आरोप है कि विपिन ने महिला को उनके बेटे की बदनामी का डर दिखाकर यौन संबंध बनाने का दबाव बनाया। महिला ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया तो उसने छात्रा का वीडियो उसके पिता को भेज दिया। इसके बाद वीडियो को लेकर केंद्र और वहां काम करने वाले लोगों पर आरोप लगाए गए। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और उसे आरोपी ने किस तरह हासिल किया।
तड़के 2:35 बजे पिता के मोबाइल पर आया वीडियो
श्याम नगर निवासी पीड़ित पिता ने 23 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनकी 18 वर्षीय बेटी मूकबधिर है और उसे विशेष शिक्षा दिलाने के लिए काकादेव स्थित पुनर्वास केंद्र में दाखिला कराया गया था। शुक्रवार तड़के करीब 2:35 बजे उनके वाट्सएप नंबर पर एक अश्लील वीडियो आया। वीडियो में उनकी बेटी दिखाई दे रही थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और वीडियो भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, वीडियो में केंद्र में पढ़ने वाला 24 वर्षीय छात्र भी दिखाई दे रहा है। मामले में छात्र और छात्रा दोनों की स्थिति तथा घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। दोनों की दिव्यांगता और निजता को ध्यान में रखते हुए उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
वीडियो के साथ केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
पुलिस के मुताबिक, वीडियो भेजते समय आरोपी ने संदेश में पुनर्वास केंद्र में बच्चों को एक कमरे में बंद रखने और वहां अश्लील गतिविधियां होने जैसे आरोप लगाए थे। उसने केंद्र में बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए थे। पुलिस इन आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है। किसी वीडियो को प्रसारित करने के साथ लगाए गए आरोप अपने आप में प्रमाण नहीं होते। इसलिए केंद्र में बच्चों की देखरेख, सुरक्षा व्यवस्था और घटना से संबंधित परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से जांच महत्वपूर्ण है।
इस मामले में छात्रा के पिता की तहरीर पर विपिन अडानी, संबंधित छात्र और पुनर्वास केंद्र के मोबाइल नंबर के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विपिन के खिलाफ आइटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है। मामले में अन्य आरोपों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
महिला से छेड़खानी के मामले में पहले भी दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, विपिन के खिलाफ वर्ष 2024 में स्वरूप नगर थाने में भी एक महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि उसने महिला को पुनर्वास केंद्र में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और बाद में कार में ले जाकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। पुलिस इस पुराने मामले में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
वर्तमान मामले में पुलिस ने विपिन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो प्रसारित करने, महिला को कथित रूप से ब्लैकमेल करने और पुनर्वास केंद्र से जुड़े घटनाक्रम की कड़ियों की जांच की जा रही है।
छात्र को मेडिकल जांच के लिए वाराणसी भेजने की तैयारी
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है। वहीं, छात्र को पहले उर्सला अस्पताल ले जाया गया था। वहां से उसे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मेडिकल कॉलेज की ओर से उसे वाराणसी स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में जांच के लिए रेफर किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस के अनुसार, छात्र की चिकित्सकीय जांच के लिए टीम के साथ वाराणसी भेजने की व्यवस्था की जा रही है। जांच के निष्कर्षों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।


