किसानों को सम्मान निधि का इंतजार, 45 परिवारों का पंजीकरण अटका
जीरो पावर्टी में चिह्नित परिवारों के सामने अभिलेखों की कमी बनी बाधा, पोर्टल पर विकल्प न होने से भी बढ़ी परेशानी
कानपुर देहात। जीरो पावर्टी के तहत चिह्नित किए गए गरीब किसान परिवारों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने की कवायद अभिलेखों और पोर्टल की तकनीकी अड़चनों में फंस गई है। जिले में चिह्नित 2124 किसान परिवारों में से 45 परिवार ऐसे हैं, जिनका अब तक ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो सका है। किसी परिवार के सामने मृतक किसान का आधार कार्ड उपलब्ध न होने की समस्या है तो कहीं मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पाया है। वहीं, वर्ष 2019 से पहले की पट्टे की जमीन के लिए पोर्टल पर विकल्प न होने से भी कई परिवारों की प्रक्रिया अटक गई है।
जीरो पावर्टी के तहत जिले में 2124 किसान परिवारों को चिह्नित किया गया था। शासन के निर्देश पर इन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाया जाना था। सत्यापन के दौरान 1952 परिवार अपात्र पाए गए, जबकि 115 परिवारों को पहले से ही सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था।
इसके बाद बचे 57 परिवारों में से 12 का पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा दिया गया है। इन परिवारों को शासन स्तर से सम्मान निधि जारी की जाएगी। वहीं, 45 परिवारों का पंजीकरण अभी भी लंबित है।
अभिलेखों की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा
कृषि विभाग के अनुसार कई परिवारों में किसान की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे मामलों में मृतक किसान का आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने या मृत्यु प्रमाणपत्र न बने होने से पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। कुछ मामलों में जमीन की स्थिति भी पंजीकरण में बाधा बन रही है।
उप निदेशक कृषि हरिशंकर भार्गव ने बताया कि जीरो पावर्टी में चिह्नित 45 किसान परिवारों के पोर्टल पर आवेदन में दिक्कत आ रही है। किसी के पास मृतक किसान का आधार कार्ड नहीं है तो किसी के पास मृत्यु प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है। इन अभिलेखों के बिना पोर्टल पर पंजीयन की व्यवस्था नहीं है। मामलों की रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी गई है।
केस-1 : पट्टे की जमीन का विकल्प नहीं
मलासा ब्लॉक के घार गांव निवासी नीता के पति की मृत्यु हो चुकी है। जमीन अभी उनके नाम ट्रांसफर नहीं हुई है। जमीन पट्टे की है और वर्ष 2019 से पहले की पट्टे वाली जमीन के लिए सम्मान निधि पोर्टल पर विकल्प उपलब्ध नहीं है। इससे उनका पंजीकरण नहीं हो पा रहा है।
केस-2 : आधार निलंबित होने से रुका पंजीकरण
अमरौधा ब्लॉक के नगीना बांगर निवासी रीना के पति का निधन हो चुका है। मृतक पति का आधार कार्ड निलंबित है। आधार सक्रिय न होने के कारण पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
केस-3 : पुरानी पट्टे की जमीन बनी अड़चन
रसूलाबाद ब्लॉक के हीकेपुर निवासी प्रेमचंद्र के पास वर्ष 2019 से पहले की पट्टे वाली जमीन है। पोर्टल पर इस श्रेणी की जमीन का विकल्प उपलब्ध नहीं होने से उनका पंजीकरण अटका हुआ है।
केस-4 : आधार और मृत्यु प्रमाणपत्र दोनों नहीं
अकबरपुर ब्लॉक के गुजराई निवासी मुन्नी देवी के पति का निधन हो चुका है। उनका मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बनवाया गया है और मृतक का आधार कार्ड भी उपलब्ध नहीं है। दोनों अभिलेखों के अभाव में सम्मान निधि पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हो सका है।
अब इन परिवारों को पोर्टल की व्यवस्था में बदलाव और जरूरी अभिलेखों की समस्या के समाधान का इंतजार है। जीरो पावर्टी के तहत गरीब परिवारों को चिह्नित कर योजना से जोड़ने की पहल हुई, लेकिन दस्तावेजी अड़चनों के कारण कई पात्र परिवार अभी भी सम्मान निधि से दूर हैं।

