7 करोड़ से बन रहा सेंटर, निर्माण की सुस्ती पर डीएम नाराज
घाटमपुर पॉलिटेक्निक में टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का निर्माण, मौके पर काम बंद मिला तो मांगा स्पष्टीकरण
23 प्रतिशत काम पूरा, मई 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य; आधुनिक तकनीक सीखेंगे पॉलिटेक्निक के विद्यार्थी
कानपुर नगर। घाटमपुर राजकीय पॉलिटेक्निक में विद्यार्थियों को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए शुरू की गई महत्वपूर्ण परियोजना की रफ्तार शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निरीक्षण में सवालों के घेरे में आ गई। करीब 7.06 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के निर्माण स्थल पर जिलाधिकारी को निरीक्षण के दौरान काम बंद मिला। मौके पर मजदूरों की संख्या भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया।
राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में आवास विकास परिषद की ओर से जी+2 भवन का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ पारंपरिक तकनीकी शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आधुनिक उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। निर्माण कार्य पांच जून 2026 से शुरू हुआ था और इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक करीब 23 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई।
निरीक्षण में बंद मिला काम
शनिवार को जिलाधिकारी निर्माणाधीन भवन का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने मौके पर चल रहे निर्माण कार्य, अब तक की प्रगति और लगाए गए संसाधनों की जानकारी ली। निरीक्षण के समय निर्माण गतिविधियां बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। परियोजना के प्रगति रजिस्टर में भी पर्याप्त संख्या में मजदूर दर्ज नहीं मिले।
डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता से यह स्पष्ट करने को कहा कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त श्रमिक क्यों नहीं लगाए गए और निरीक्षण के समय काम क्यों बंद था।
मजदूर बढ़ाकर काम में तेजी लाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण स्थल पर तत्काल पर्याप्त संख्या में श्रमिक लगाए जाएं। परियोजना की गति बढ़ाते हुए तय समयसीमा के भीतर निर्माण पूरा कराया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि काम की गुणवत्ता के साथ समयसीमा से भी समझौता न हो।
डीएम ने कहा कि सेंटर का निर्माण केवल भवन तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध विद्यार्थियों के तकनीकी प्रशिक्षण और उनके भविष्य के रोजगार अवसरों से है। इसलिए परियोजना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
एक भवन में आधुनिक तकनीक की कई राहें
टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के तैयार होने के बाद पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को आधुनिक औद्योगिक तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। प्रस्तावित एडवांस स्किल पाठ्यक्रमों में एडवांस ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एवं रोबोटिक्स जैसी तकनीकें शामिल हैं।
इसके अलावा विद्यार्थियों को प्रोडक्ट डिजाइन, क्वालिटी कंट्रोल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। इन क्षेत्रों का उपयोग उद्योगों में लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सेंटर के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाई के साथ तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल को समझने का अवसर मिलेगा।
रोजगार की जरूरतों से जोड़ा जाएगा प्रशिक्षण
तकनीकी शिक्षा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के लिए भी तैयार किया जाए। प्रस्तावित सेंटर इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आधुनिक मशीनों, ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिक वाहनों और एआई जैसी तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण से विद्यार्थियों के कौशल में विस्तार होने की उम्मीद है।
इससे पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को स्थानीय और बाहरी औद्योगिक इकाइयों में रोजगार के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षता विकसित करने का अवसर मिल सकता है।
समयसीमा पर निगरानी की जरूरत
परियोजना की शुरुआत पांच जून 2026 को हुई थी और मई 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। फिलहाल करीब 23 प्रतिशत निर्माण पूरा होने की जानकारी है। ऐसे में आगे के महीनों में निर्माण की गति बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
शनिवार के निरीक्षण में काम बंद मिलने के बाद डीएम की नाराजगी का मुख्य कारण भी यही रहा कि महत्वपूर्ण परियोजना में संसाधनों की कमी या काम में सुस्ती के कारण समयसीमा प्रभावित न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण की नियमित निगरानी करने और कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान राजकीय पॉलिटेक्निक घाटमपुर के प्राचार्य कुलदीप सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

