RTE के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले 22 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी, डीएम ने दिया तीन दिन का अल्टीमेटम

RTE के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं देने वाले 22 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी, डीएम ने दिया तीन दिन का अल्टीमेटम

निर्धारित समय में दाखिला नहीं देने पर मान्यता निरस्तीकरण की प्रक्रिया होगी शुरू, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को लंबित प्रवेश तत्काल पूरा कराने के निर्देश

कानपुर । शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत आवंटित बच्चों को प्रवेश देने में लापरवाही बरतने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शैक्षिक सत्र 2026-27 में आवंटित बच्चों का शत-प्रतिशत प्रवेश नहीं लेने वाले शहर के 22 निजी विद्यालयों को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने तीन दिन की मोहलत दी है। निर्धारित अवधि में बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित नहीं करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता निरस्तीकरण की विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

गुरुवार को बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने RTE के तहत बच्चों के प्रवेश की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान सामने आया कि शहरी क्षेत्र के 22 निजी विद्यालयों में आवंटित सभी बच्चों का प्रवेश अब तक नहीं हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालयों में लंबित प्रवेश तीन दिन के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि पात्र बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। आवंटन होने के बावजूद बच्चों को प्रवेश नहीं देना गंभीर मामला है। ऐसे विद्यालयों को निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लंबित प्रवेश पूरे करने होंगे। आदेश का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तीन दिन में दाखिला पूरा कराने के निर्देश

जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी संबंधित विद्यालयों की अलग-अलग समीक्षा की जाए। प्रत्येक विद्यालय में RTE के तहत आवंटित बच्चों की संख्या और उनके वास्तविक प्रवेश की स्थिति का सत्यापन किया जाए। जिन बच्चों का प्रवेश अभी तक लंबित है, उनका दाखिला निर्धारित अवधि में सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया में अनावश्यक देरी या विद्यालय प्रबंधन की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी प्रक्रिया की निगरानी करें और समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

प्रशासन ने साफ किया है कि तीन दिन की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि संबंधित विद्यालय बच्चों को प्रवेश नहीं देते हैं तो उनके विरुद्ध मान्यता प्रत्याहरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

RTE के तहत पात्र बच्चों को शिक्षा दिलाना प्राथमिकता

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पात्र बच्चों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।

आवंटन के बाद भी प्रवेश नहीं मिलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसके साथ ही अभिभावकों को भी विद्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जिला प्रशासन ने इसी स्थिति को देखते हुए लंबित प्रवेशों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्णय लिया है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र बच्चों के प्रवेश में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाए। संबंधित विद्यालयों को नियमों के अनुरूप कार्रवाई करनी होगी और आवंटित बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करना होगा।

इन 22 विद्यालयों में आवंटित बच्चों का शत-प्रतिशत प्रवेश नहीं

बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में जिन 22 निजी विद्यालयों में RTE के तहत आवंटित बच्चों का शत-प्रतिशत प्रवेश नहीं पाया गया, उनके नाम इस प्रकार हैं।

1. डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल, सिविल लाइन्स
2. डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल, कल्याणपुर
3. डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल, गोविंद नगर
4. डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, एन-ब्लॉक किदवई नगर
5. डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल, एच-ब्लॉक किदवई नगर
6. डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, श्याम नगर
7. डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर, जाजमऊ
8. चिंटल्स पब्लिक स्कूल, रतनलाल नगर
9. नर्चर इंटरनेशनल स्कूल, कल्याणपुर
10. वेंडी पब्लिक स्कूल, नारामऊ
11. एन.एल.के. वेंडी स्कूल, खलासी लाइन
12. एन.एल.के. पब्लिक स्कूल, नवाबगंज
13. एलनहाउस पब्लिक स्कूल, खलासी लाइन
14. एलनहाउस पब्लिक स्कूल, रूमा
15. सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, कैंट
16. डी.पी.एस. पब्लिक स्कूल, किदवई नगर
17. डी.पी.एस. पब्लिक स्कूल, मर्दनपुर बर्रा
18. डी.पी.एस. पब्लिक स्कूल, आजाद नगर
19. डी.पी.एस. पब्लिक स्कूल, सर्वोदय नगर
20. जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, मैनावती मार्ग
21. यूनाइटेड पब्लिक स्कूल, सिविल लाइन्स
22. कैम्ब्रिज हाई स्कूल, सिविल लाइन्स

प्रवेश में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

जिला प्रशासन ने संबंधित विद्यालयों को आवंटित बच्चों का प्रवेश पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेशों के अनुपालन की निगरानी करने और निर्धारित समयसीमा में प्रवेश सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासन का कहना है कि RTE के तहत पात्र बच्चों को प्रवेश दिलाना वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाना चाहिए। तीन दिन की मोहलत के बाद भी प्रवेश लंबित रहने पर संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि संबंधित 22 विद्यालय निर्धारित समयसीमा में लंबित प्रवेश पूरे करते हैं या फिर उन्हें प्रशासन की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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