होमगार्ड भर्ती मेडिकल घूसकांड में दो और नाम आए सामने, पुलिस करेगी पूछताछ
डॉक्टर की कार में ड्राइवर के साथ बैठे थे दोनों युवक, अभ्यर्थियों के हंगामे के दौरान भाग निकले थे; UPI खाताधारक की भी हुई पहचान

कानपुर। होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में अभ्यर्थियों से रुपये मांगने के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ गई है। जांच के दौरान दो और लोगों की पहचान हुई है। दोनों डॉक्टर की कार में ड्राइवर अजीत के साथ बैठे थे। 15 अक्टूबर को अभ्यर्थियों के हंगामे के दौरान जब उन्होंने ड्राइवर की पिटाई की तो दोनों कार से उतरकर भाग निकले थे। पुलिस अब दोनों को पूछताछ के लिए बुलाएगी। वहीं, घूस की रकम जिन यूपीआई खातों में ट्रांसफर की गई थी, उनमें से एक खाताधारक की पहचान भी कर ली गई है।
15 अक्टूबर को अभ्यर्थियों ने किया था हंगामा
पुलिस लाइन में 15 अक्टूबर को होमगार्ड भर्ती के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच और मेडिकल परीक्षण किया जा रहा था। पहले दिन 200 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। मेडिकल परीक्षण के लिए सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने चार-चार सदस्यों वाले दो डॉक्टरों के पैनल बनाए थे। इनमें डॉ. प्रवीण, डॉ. महेश द्विवेदी और डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत भी शामिल थे।
रात करीब आठ बजे अभ्यर्थियों ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया था। अभ्यर्थियों का आरोप था कि नाक टेढ़ी और आंखों में दिक्कत बताकर मेडिकल में पास करने के नाम पर रुपये मांगे जा रहे हैं। मामले में कोतवाली पुलिस ने होमगार्ड इंस्पेक्टर सुधांश सिंह की तहरीर पर डॉ. प्रवीण कुमार, उनके ड्राइवर अजीत कुमार, डॉ. महेश कुमार द्विवेदी, डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
डॉक्टर की कार से मिली थी वसूली की पर्ची
हंगामे के दौरान डॉक्टर की कार में सवार दो लोग मौके से भाग निकले थे। पुलिस ने तीन डॉक्टरों और ड्राइवर समेत चार लोगों को पकड़ा था। हालांकि, बाद में डॉ. देवेंद्र राजपूत को छोड़ दिया गया। ड्राइवर को भी रिहा कर दिया गया, जबकि दोनों डॉक्टरों को जेल भेज दिया गया था। पुलिस को डॉ. प्रवीण की कार से कथित वसूली से जुड़ी एक पर्ची भी मिली थी।
कार से भागे दोनों लोगों से होगी पूछताछ
एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने बताया कि कार से भागे दोनों लोगों की पहचान कर ली गई है। अब उन्हें पूछताछ के लिए बुलाकर बयान दर्ज किए जाएंगे। ड्राइवर अजीत को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा। घूस की रकम जिन यूपीआई खातों में ट्रांसफर की गई थी, उनमें से एक खाताधारक का पता चल गया है। उसे नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल डॉ. देवेंद्र राजपूत के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिल सके हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


