दीपावली पर घर पहुंचने की ललक, कानपुर सेंट्रल पर उमड़ा यात्रियों का सैलाब

दीपावली पर घर पहुंचने की ललक, कानपुर सेंट्रल पर उमड़ा यात्रियों का सैलाब

ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों में मची अफरा-तफरी, अंदर जगह नहीं मिली तो चादर बांधकर बैठने का करना पड़ा इंतजाम

कानपुर नगर। दीपावली का त्योहार अपनों के साथ मनाने की चाह में कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। त्योहार पर घर पहुंचने की जल्दी और ट्रेनों में सीट पाने की जद्दोजहद के बीच स्टेशन पर हालात बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आ रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की लंबी कतारें लगी हैं, वहीं ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही उसमें सवार होने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन रहा है।

भीड़ का आलम यह है कि यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जनरल और स्लीपर कोच में क्षमता से अधिक यात्री सवार होने के कारण पैर रखने तक की जगह नहीं बच रही। कई यात्री दरवाजों पर लटककर किसी तरह डिब्बे के अंदर पहुंचने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। घर पहुंचने की जल्दबाजी में कुछ लोग अपनी सुरक्षा तक को नजरअंदाज कर रहे हैं।

ट्रेन के अंदर पहुंचने के बाद भी यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। बैठने की जगह नहीं मिलने पर लोग तरह-तरह के जुगाड़ लगा रहे हैं। कहीं यात्री फर्श पर बैठकर सफर करने को मजबूर हैं तो कहीं चादर बांधकर बैठने की व्यवस्था करते नजर आ रहे हैं। ऐसी तस्वीरें त्योहार के दौरान रेल यात्रियों की परेशानी और ट्रेनों में बढ़ते दबाव को बयां कर रही हैं।

कानपुर सेंट्रल उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां से दिल्ली, बिहार, पूर्वांचल, प्रयागराज, वाराणसी और अन्य शहरों की ओर बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। दीपावली के मौके पर दूसरे शहरों में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई करने वाले लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। इसी वजह से स्टेशन पर सामान्य दिनों की अपेक्षा यात्रियों का दबाव काफी बढ़ गया है।

त्योहार पर सुरक्षित घर पहुंचने की उम्मीद लेकर निकले यात्रियों के लिए सफर किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। भीड़ के बीच बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे हालात में यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण रेलवे प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।

त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त ट्रेनों, प्लेटफॉर्म पर बेहतर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत महसूस हो रही है। आखिरकार हर यात्री की यही कोशिश है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद वह सकुशल अपने घर पहुंचे और परिवार के साथ दीपावली की खुशियां मना सके।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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