घाटमपुर पुलिस ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, किसान को लौटाए 1,09,950 रुपये
मक्का बेचकर लौटते समय हाईवे किनारे गिर गया था रुपयों से भरा झोला, ढाबा संचालक ने पुलिस को सौंपा था रुपयों से भरा झोला; 24 घंटे में तलाशा असली मालिक
रुपये वापस पाकर खिल उठा किसान का चेहरा, इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया से बोला- थैंक्यू साहब, आप जैसे पुलिसकर्मियों की जरूरत है
घाटमपुर, कानपुर नगर। पुलिस की पहचान अक्सर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और कानून व्यवस्था बनाए रखने से होती है, लेकिन जब पुलिस अपने कर्तव्य के साथ ईमानदारी और मानवता की मिसाल पेश करती है तो आम जनता का भरोसा और मजबूत होता है। ऐसा ही सराहनीय कार्य घाटमपुर पुलिस ने कर दिखाया। कानपुर-सागर हाईवे पर मिले 1 लाख 9 हजार 950 रुपये पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर उनके असली मालिक को खोजकर वापस लौटा दिए। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर किसान के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने पुलिसकर्मियों का आभार जताया।
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों कानपुर-सागर हाईवे पर धरमपुर बंबा के पास एक बोरी के झोले में 1,09,950 रुपये पड़े मिले थे। हाईवे किनारे स्थित एक ढाबे के संचालक की नजर जब झोले पर पड़ी तो उन्होंने बिना लालच दिखाए इसकी सूचना पुलिस को दी। सोमवार शाम ढाबा संचालक ने रुपयों से भरा झोला घाटमपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने रुपये अपने कब्जे में लेकर उनके वास्तविक मालिक की तलाश शुरू कर दी।
घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस ने रुपयों के मालिक का पता लगाने के लिए प्रयास शुरू किए। पुलिस की ओर से व्हाट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया के माध्यम से झोले में रुपये मिलने की सूचना प्रसारित की गई, जिससे वास्तविक मालिक तक जानकारी पहुंच सके।
इसी बीच मंगलवार दोपहर कानपुर देहात के भरतपुर पियासी गांव निवासी शिव कृष्ण उर्फ बच्चन पुत्र स्वर्गीय अमरनाथ घाटमपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका ट्रैक्टर कई वर्षों से कानपुर देहात के सैथा गांव निवासी शिवराम दुबे चलाते हैं। बीती 31 अक्टूबर की रात वे कानपुर गल्ला मंडी में मक्का बेचकर ट्रैक्टर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान धरमपुर बंबा के पास हाईवे पर उनका रुपयों से भरा झोला कहीं गिर गया था।
किसान ने बताया कि मक्का बेचकर मिले रुपये उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण थे। झोला गिरने के बाद उन्हें काफी चिंता हो रही थी। जब उन्हें पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर झोला मिलने की सूचना प्रसारित किए जाने की जानकारी मिली तो उन्हें उम्मीद जगी और वह तत्काल घाटमपुर थाने पहुंचे।
इसके बाद पुलिस ने आवश्यक सत्यापन और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी की। पहचान सुनिश्चित होने पर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने किसान शिव कृष्ण उर्फ बच्चन को उनके पूरे 1,09,950 रुपये वापस सौंप दिए। लंबे समय से मेहनत से कमाई गई रकम वापस पाकर किसान का चेहरा खुशी से खिल उठा।
रुपये पाकर किसान ने कहा- थैंक्यू सर
अपनी रकम वापस मिलने पर किसान शिव कृष्ण उर्फ बच्चन ने इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया और घाटमपुर पुलिस का आभार जताया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि साहब, आप जैसे ईमानदार और जिम्मेदार लोगों की पुलिस विभाग में जरूरत है। पुलिस की इस कार्यशैली से आम जनता का विश्वास और मजबूत होता है।
इंस्पेक्टर बोले- सत्यापन के बाद लौटाई गई रकम
घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि हाईवे किनारे मिले 1,09,950 रुपये को सुरक्षित रखवाकर उनके वास्तविक मालिक की तलाश की जा रही थी। सूचना सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों पर भी प्रसारित की गई थी। मंगलवार को कानपुर देहात के भरतपुर पियासी गांव निवासी शिव कृष्ण उर्फ बच्चन ने थाने पहुंचकर रुपयों पर अपना दावा किया। आवश्यक सत्यापन के बाद पूरी रकम उन्हें वापस लौटा दी गई।
घाटमपुर पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। वहीं, ढाबा संचालक की ईमानदारी भी प्रशंसनीय रही, जिन्होंने रुपयों से भरा झोला मिलने पर उसे अपने पास रखने के बजाय पुलिस को सौंप दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि ईमानदारी और इंसानियत आज भी समाज में कायम है।


