कानपुर में करोड़ों की संपत्ति हड़पने का मामला: नशे की हालत में 100 से ज्यादा कोरे कागजों पर कराए हस्ताक्षर

कानपुर में करोड़ों की संपत्ति हड़पने का मामला: नशे की हालत में 100 से ज्यादा कोरे कागजों पर कराए हस्ताक्षर

सिंहानिया परिवार के प्रणवपत का आरोप, होटल में बंधक बनाकर नशे के इंजेक्शन देने का दावा; पुलिस खंगालेगी सीसीटीवी फुटेज और संपत्ति के दस्तावेज

कानपुर। सिंहानिया परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं। पीड़ित प्रणवपत सिंहानिया ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पूछताछ के दौरान आरोप लगाया कि बिल्डरों ने उन्हें नशे की लत में रखकर 100 से अधिक कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। पुलिस को आशंका है कि इन कागजों का इस्तेमाल आरोपियों की ओर से आगे कानूनी कार्रवाई के दौरान किया जा सकता है। पुलिस अब होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने की तैयारी में है।

प्रणवपत ने 24 अक्टूबर को बिल्डर सुयश अस्थाना, उसके पिता अनूप अस्थाना, बृजेंद्रनाथ मिश्रा और मेडिकल स्टोर संचालक श्रीराम उर्फ रमित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि चारों ने मिलकर उनके परिवार की करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने नाम करा ली। मामले में स्वरूपनगर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप

बुधवार को पूछताछ के दौरान प्रणवपत ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के अलावा उनसे 100 से अधिक खाली कागजों पर भी हस्ताक्षर कराए थे। पुलिस इस पहलू को गंभीरता से ले रही है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि इन कागजों का दुरुपयोग कर दस्तावेज तैयार किए जा सकते हैं। हालांकि, कागजों का वास्तविक इस्तेमाल हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

प्रणवपत के बयान के मुताबिक, आरोपियों ने रॉयल क्लिफ और रीजेंटा होटलों में उन्हें रखा था। जिन कमरों में उन्हें ठहराया गया, वे होटल के रजिस्टर में कथित तौर पर सुयश अस्थाना के नाम पर दर्ज थे। पुलिस अब होटल प्रबंधन से रिकॉर्ड जुटाकर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कमरे किसने बुक कराए थे और वहां कौन-कौन आता-जाता था।

नशे के इंजेक्शन देकर हस्ताक्षर कराने का आरोप

प्रणवपत ने आरोप लगाया कि जब भी आरोपियों को उनसे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने होते थे, उससे पहले उन्हें नशे का इंजेक्शन दिया जाता था। उनके मुताबिक, सुयश अस्थाना उन्हें 24 घंटे में दो बार इंजेक्शन देता था। धीरे-धीरे उन्हें इसकी लत लग गई थी और इंजेक्शन नहीं मिलने पर उनकी तबीयत बिगड़ने लगती थी।

पीड़ित का आरोप है कि नशे की हालत में उनसे विक्रय अनुबंध यानी सेल डीड तैयार कराए गए और बाद में रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाकर संपत्तियों की रजिस्ट्री कराई गई। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। नशे के इंजेक्शन कहां से लाए जाते थे और उन्हें उपलब्ध कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।

दुकानों और मकान के हिस्से की रजिस्ट्री कराने का आरोप

प्रणवपत के मुताबिक, पहले कोपरगंज स्थित दुकानों से जुड़े दस्तावेज अपने नाम कराने की कार्रवाई की गई। इसके बाद फजलगंज स्थित राधा कुंज मकान का एक हिस्सा रमित ने अपनी बहन पूर्णिमा दीक्षित के नाम करा लिया। पीड़ित ने रमित को इस पूरे मामले का प्रमुख वित्तीय सहयोगी भी बताया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी संपत्ति के अलावा परिवार की अन्य संपत्तियों पर भी आरोपियों की नजर थी। पुलिस अब संबंधित संपत्तियों की रजिस्ट्री, विक्रय अनुबंध और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच करेगी।

मां से मिलने नहीं दिया, हालत बिगड़ने पर नौकर को बुलाया

प्रणवपत ने पूछताछ में बताया कि होटल में रहने के दौरान उनकी मां अंबिका उनसे मिलने पहुंचीं तो आरोपियों ने उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया कि प्रणवपत व्यस्त हैं। उनका आरोप है कि परिवार के अन्य सदस्यों से मोबाइल पर बात करने की भी अनुमति नहीं दी जाती थी।

पीड़ित के अनुसार, अगस्त 2026 में नशे के कारण उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर पुराने घरेलू नौकर अजय को कुछ दिनों के लिए उनके साथ होटल में रखा गया था। पुलिस इस अवधि के दौरान होटल में उनकी मौजूदगी और संबंधित घटनाक्रम की जानकारी जुटा सकती है।

खाते में दो करोड़ रुपये डालकर वापस लेने का आरोप

प्रणवपत के बड़े भाई अद्वैतपत ने आरोप लगाया कि जब भी वह छोटे भाई को बंधक बनाए जाने की शिकायत पुलिस से करते थे, तो आरोपी इसे आपसी विवाद बताकर मामले को टालने का प्रयास करते थे।

अद्वैतपत के मुताबिक, बिल्डरों ने प्रणवपत के बैंक खाते में करीब दो करोड़ रुपये जमा कराए थे। बाद में खाली चेकों पर हस्ताक्षर कराकर सुयश और अनूप ने कथित तौर पर रकम वापस ले ली। इस लेनदेन की पुष्टि के लिए बैंक रिकॉर्ड और चेकों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस खंगालेगी होटल के सीसीटीवी फुटेज

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, होटल के कमरों की बुकिंग से संबंधित रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी। नशे के इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति का भी पता लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित से पूछताछ कर कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जाएगी। खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराने के आरोप को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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