चार बीघे का फार्म हाउस, 30 CCTV कैमरे, फिर भी लूट; खुलासे के लिए लगी पुलिस की 8 टीमें
कानपुर। सेन पश्चिमपारा थाना क्षेत्र के न्योरी गांव में भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव के फार्म हाउस में हुई लूट की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब चार बीघे में फैले फार्म हाउस में 30 CCTV कैमरे लगे होने के बावजूद दो नकाबपोश बदमाशों ने तमंचे के बल पर रमेश यादव को बंधक बना लिया और 12 लाख रुपये नकद समेत सोने के आभूषण और महंगी घड़ियां लूटकर फरार हो गए। पुलिस अब बदमाशों की पहचान करने के साथ ही फार्म हाउस की सुरक्षा व्यवस्था और वहां मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पीछे की दीवार फांदकर दाखिल हुए बदमाश

घटना 12 अक्टूबर की रात की है। रमेश यादव लखनऊ में पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद देर रात कानपुर पहुंचे थे। वह अपने घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित फार्म हाउस में रुके थे। उनके मुताबिक, स्टाफ की सैलरी देने के लिए उन्होंने अलग-अलग चार बार में 12 लाख रुपये निकाले थे, जिन्हें फार्म हाउस के लॉकर में रखा था।
रात में खाना खाने के बाद वह कमरे में बैठकर मोबाइल देख रहे थे। इसी दौरान काले कपड़े पहने दो नकाबपोश बदमाश अंदर पहुंचे। एक के हाथ में तमंचा था, जबकि दूसरे के पास चाकू और पेट्रोल की बोतल थी। बदमाशों ने रमेश यादव के सीने पर तमंचा तानकर शोर नहीं मचाने की धमकी दी। विरोध करने पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की धमकी भी दी गई।
1 करोड़ रुपये मांगे, लॉकर से नकदी और गहने लूटे
रमेश यादव के मुताबिक, बदमाशों ने शुरुआत में 1 करोड़ रुपये की मांग की। उन्होंने अपने असिस्टेंट बलराम को फोन कर रुपये मंगाने की बात कही, लेकिन बदमाशों ने फार्म हाउस में मौजूद नकदी देने को कहा। इसके बाद बदमाशों ने लॉकर में रखे 12 लाख रुपये नकद, करीब 50 ग्राम का सोने का ब्रेसलेट, 40 ग्राम और 35 ग्राम की दो सोने की चेन, करीब दो लाख रुपये की RADO घड़ी और 15 हजार रुपये कीमत की दो अन्य घड़ियां लूट लीं। वारदात के बाद बदमाशों ने रमेश यादव के हाथ-पैर बांध दिए, मुंह पर टेप चिपका दिया और बाथरूम में बंद कर दिया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद उन्होंने किसी तरह अपने हाथ खोले और सुरक्षा गार्डों तथा पुलिस को सूचना दी।
एक घंटे से ज्यादा समय तक फार्म हाउस में रहे लुटेरे
जांच में सामने आए CCTV फुटेज के मुताबिक, बदमाश रात करीब 10:20 बजे फार्म हाउस में दाखिल हुए। बताया गया कि वे करीब 40 मिनट तक ऐसे हिस्से में छिपे रहे, जहां कैमरों की निगरानी नहीं थी। इसके बाद रात करीब 11 बजे रमेश यादव के कमरे में पहुंचे और लगभग 37 मिनट तक वारदात को अंजाम दिया। फुटेज में उनके रात करीब 11:37 बजे पीछे की दीवार फांदकर भागने की जानकारी सामने आई है। रमेश यादव के फार्म हाउस का क्षेत्रफल करीब चार बीघे बताया गया है। वहां लगभग 30 CCTV कैमरे लगे हैं, लेकिन इनसे करीब तीन बीघे क्षेत्र की ही निगरानी होती है। शेष एक बीघे का हिस्सा कैमरों के दायरे से बाहर था। बदमाशों ने पीछे की दीवार पर लगे AC के आउटडोर यूनिट के लिए बनाए गए लोहे के सहारे का इस्तेमाल कर अंदर प्रवेश किया। भागते समय बदमाशों ने हॉल के पास वाशबेसिन के नल का सहारा लिया, जिससे नल टूट गया। पुलिस इस तरह के भौतिक साक्ष्यों और CCTV फुटेज की मदद से उनकी गतिविधियों का पता लगा रही है।
कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर डॉ. विपिन ताडा के मुताबिक, जिस तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे आशंका है कि बदमाशों को फार्म हाउस और वहां की व्यवस्था के बारे में पहले से जानकारी थी। इसी आधार पर वहां मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछताछ की है और घटना का खुलासा करने के लिए आठ टीमें लगाई गई हैं।
डॉग स्क्वायड ईंट-भट्ठे तक पहुंचा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के लिए डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। खोजी कुत्ता फार्म हाउस के गेट से निकलकर पीछे के रास्ते होते हुए मुख्य सड़क पर पहुंचा और करीब 900 मीटर दूर एक ईंट-भट्ठे तक गया। वहां पानी भरा होने के कारण आगे गंध का पता नहीं चल सका। पुलिस को ईंट-भट्ठे पर लगे CCTV कैमरे की फुटेज मिली, जिसकी DVR कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई है। पुलिस आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि बदमाशों के भागने के रास्ते और उनकी पहचान से संबंधित सुराग मिल सकें।
महाकुंभ के दौरान भी हुई थी चोरी
रमेश यादव ने बताया कि प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान उनके यहां सात से आठ लाख रुपये की चोरी हुई थी। उस समय वह प्रयागराज में थे। उनके मुताबिक, चोर खिड़की तोड़कर अंदर घुसे थे, लेकिन उन्होंने उस घटना की शिकायत नहीं की थी। पुलिस के मुताबिक, जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि कुछ समय पहले रमेश यादव ने चोरी के आरोप में एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया था। पुलिस उस कर्मचारी का विवरण जुटाकर उसकी भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, इस जानकारी के आधार पर किसी को घटना का आरोपी नहीं माना गया है।
हनुमान जी का भक्त बताकर किसी को न बताने की दी थी कसम
रमेश यादव ने बताया कि जाते समय बदमाशों ने उनसे कहा कि वह हनुमान जी के भक्त हैं और किसी को घटना के बारे में न बताएं। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि उन्हें रुपयों की जरूरत है और रमेश यादव अच्छे आदमी हैं, इसलिए वे उन्हें मारेंगे नहीं। रमेश यादव के मुताबिक, बदमाशों ने उन्हें भरोसा दिलाने के बाद छोड़ दिया और फरार हो गए। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, फार्म हाउस में मौजूद लोगों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मामले में बदमाशों की पहचान, गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी को लेकर कार्रवाई जारी है।


