रूस से डीजल खरीद समझौते पर घिरे ट्रंप

रूस से डीजल खरीद समझौते पर घिरे ट्रंप

वॉशिंगटन। रूस से डीजल खरीदने के समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इस फैसले को शर्मनाक बताते हुए ट्रंप से रूस के साथ हुआ समझौता तत्काल रद्द करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि रूस के साथ कारोबार करने से यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक मदद मिल सकती है। ब्लूमेंथल ने उन अमेरिकी तेल कंपनियों को भी आगाह किया है, जो इस समझौते के तहत रूस के साथ व्यापार करने पर विचार कर रही हैं। बताया गया है कि ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के बाद रूस से डीजल की आपूर्ति को लेकर समझौते की घोषणा की। इसका उद्देश्य ईंधन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में डीजल की उपलब्धता बढ़ाना बताया गया है। हालांकि, इस फैसले ने रूस पर प्रतिबंधों और यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी नीति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्लूमेंथल का कहना है कि रूस के साथ इस तरह का समझौता प्रतिबंधों के उद्देश्य को कमजोर कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश दे सकता है। उन्होंने कहा कि रूस को आर्थिक लाभ पहुंचाने वाले कदमों से यूक्रेन में संघर्ष लंबा खिंचने का खतरा बढ़ सकता है। ब्लूमेंथल रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित कानून तैयार करने में भी शामिल रहे हैं। उन्होंने दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ मिलकर इस कानून पर काम किया था। अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों से मंजूरी प्राप्त इस कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को दिया गया था। ब्लूमेंथल ने ट्रंप के नए फैसले को इसी प्रतिबंध नीति की भावना के विपरीत बताया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस के साथ समझौता अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, ईंधन आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से किए गए इस फैसले के वास्तविक आर्थिक तथा राजनीतिक प्रभाव समझौते की शर्तों और उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।
भारत और चीन को लेकर भी उठा चुके हैं सवाल
ब्लूमेंथल ने इससे पहले रूस से तेल और गैस खरीदने को लेकर भारत और चीन को भी चेतावनी दी थी। उनका तर्क था कि रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने से उसकी अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सकता है और यूक्रेन युद्ध पर दबाव बनाने की कोशिश कमजोर हो सकती है। उन्होंने दोनों देशों से वैकल्पिक स्रोतों से ऊर्जा खरीदने पर विचार करने की अपील की थी। अब ट्रंप के रूस से डीजल खरीदने के फैसले की आलोचना के बाद अमेरिकी प्रतिबंध नीति को लेकर बहस तेज हो गई है। इस मामले में ऊर्जा जरूरतों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और रूस पर दबाव बनाए रखने के बीच संतुलन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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