लखनऊ में जलभराव से राहत के लिए बनेंगे 12 बाढ़ पंपिंग स्टेशन, 148 करोड़ होंगे खर्च

लखनऊ में जलभराव से राहत के लिए बनेंगे 12 बाढ़ पंपिंग स्टेशन, 148 करोड़ होंगे खर्च

लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढऩे से होने वाले जलभराव से राहत के लिए 12 बाढ़ पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इनका निर्माण आईआईएम रोड से किसान पथ तक ग्रीन कॉरिडोर के किनारे प्रस्तावित है। एलडीए ने जलभराव वाले इलाकों का सर्वे कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। परियोजना पर करीब 148 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद एलडीए और नगर निगम निर्माण कार्य शुरू करेंगे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, भारी बारिश के बाद गोमती का जलस्तर बढऩे से नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है। इसे देखते हुए संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया है। प्रस्तावित 12 स्टेशनों में आठ की क्षमता 400 किलोलीटर और चार की क्षमता 600 किलोलीटर होगी। इनसे बारिश और बाढ़ का पानी तेजी से निकालने में मदद मिलेगी। आईआईएम इंटरसेक्शन, कैल कॉलोनी बसंतकुंज योजना, गऊघाट ब्रिज के पास, सेक्टर-7 गोमतीनगर विस्तार, ग्राम घैला, सीतापुर बंधा रोड, इकाना स्टेडियम के पास, सीजी सिटी ड्रेन, ग्राम बक्कास, ग्राम चौरासी, ग्राम नूरपुर बेहटा और किसान पथ के पास पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।तराई क्षेत्र में सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई भारी बारिश का पानी सहायक नदियों के जरिये गोमती में पहुंचने से लखनऊ में नदी का जलस्तर बढ़ गया। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और हरदोई के कई इलाकों में हुई बारिश का असर लखनऊ तक पहुंचा। नदी का जलस्तर सामान्य से करीब 2.44 मीटर ऊपर पहुंच गया, जिससे फैजुल्लागंज सहित कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नैमिषारण्य और इटौंजा में पिछले 48 घंटे से जलस्तर स्थिर है। इसके चलते अगले दो दिनों में लखनऊ में भी करीब दो फीट तक पानी कम होने की उम्मीद है। गऊघाट पर जलस्तर 108.57 मीटर दर्ज किया गया, जबकि हनुमान सेतु और गोमती बैराज पर भी जलस्तर में वृद्धि हुई है। हालांकि दोनों स्थानों पर अगले 24 घंटे में गिरावट की संभावना जताई गई है।
लखनऊ में बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत के लिए फैजुल्लागंज से नैमिष तक करीब 115 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने की योजना है। इस परियोजना पर लगभग दो हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एलडीए और सिंचाई विभाग इसकी डीपीआर तैयार करेंगे। परियोजना को स्टेट कैपिटल रीजन योजना में शामिल कर तेजी से पूरा कराने पर भी विचार चल रहा है। ग्रीन कॉरिडोर से पक्का पुल तक तटबंध निर्माण की जिम्मेदारी एलडीए को दी गई है, जिस पर करीब 182 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं आईआईएम रोड से नैमिषारण्य तक के हिस्से का निर्माण सिंचाई विभाग करेगा। शासन स्तर पर पूरे प्रोजेक्ट को एक ही एजेंसी से कराने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य में समन्वय बना रहे और परियोजना जल्द पूरी हो। तटबंध बनने से फैजुल्लागंज और आसपास के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या कम होने की उम्मीद है। इससे सैकड़ों परिवारों को विस्थापन से बचाने के साथ बाढ़ के दौरान जान-माल के नुकसान को भी कम किया जा सकेगा। तटबंध के ऊपर चार या छह लेन की सड़क बनाने का प्रस्ताव भी है। यह सड़क ग्रीन कॉरिडोर से जुड़ेगी, जिससे आईआईएम रोड, फैजुल्लागंज, पक्का पुल और नैमिषनगर के बीच आवागमन आसान होगा।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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