80 नए गांवों के विकास की बनेगी डिजिटल कुंडली, KDA तैयार करेगा मास्टर प्लान-2031

कानपुर। शहर के विस्तार के साथ केडीए की सीमा में शामिल किए गए 80 नए गांवों के विकास की योजना तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। इन गांवों के लिए जीआईएस आधारित मास्टर प्लान-2031 तैयार किया जाएगा। इसके लिए केडीए ने ई-टेंडर के माध्यम से वीके सुप्रीम कंसलटेंट कंपनी का चयन किया है। मास्टर प्लान में गांवों की जमीन, आबादी, मौजूदा सुविधाओं और भविष्य में प्रस्तावित विकास का पूरा डिजिटल खाका तैयार किया जाएगा।

मास्टर प्लान को लेकर केडीए में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई। इसमें सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास योजनाओं के साथ बिजली, पानी, सीवर, सड़क और अन्य जरूरी सुविधाओं से संबंधित जानकारी मांगी गई है।

57 अधिकारियों को बुलाया गया

बैठक में नगर और ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग विभागों के 57 अधिकारियों को बुलाया गया था। चयनित कंसलटेंट कंपनी के अनुरोध पर केडीए अधिकारियों ने सभी विभागों से अपने-अपने क्षेत्र में चल रही और प्रस्तावित योजनाओं का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा।

अधिकारियों को उपलब्ध विभागीय डेटा भी केडीए को देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मास्टर प्लान तैयार करते समय संबंधित क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और भविष्य की योजनाओं को एक साथ शामिल किया जा सके।

डिजिटल नक्शे में दिखेगी गांवों की पूरी तस्वीर

केडीए की सीमा में शामिल 80 नए गांवों का डिजिटल नक्शा तैयार किया जाएगा। जीआईएस आधारित मास्टर प्लान में जमीन के इस्तेमाल, आबादी, सड़कों और मौजूदा बुनियादी सुविधाओं की जानकारी दर्ज होगी। इससे भविष्य में आवासीय योजनाएं विकसित करने, सड़क नेटवर्क तैयार करने और बिजली, पानी व सीवर जैसी सुविधाओं के विस्तार की योजना बनाने में मदद मिलेगी।

शहरी नियोजन से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक डिजिटल नक्शे और क्षेत्रवार डेटा के आधार पर यह तय करना आसान होगा कि किस क्षेत्र में किस तरह के विकास की जरूरत है। इससे योजनाओं को जमीन की वास्तविक स्थिति के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।

दो हिस्सों में तैयार होगा मास्टर प्लान

केडीए का मास्टर प्लान-2031 दो हिस्सों में तैयार किया जाएगा। पहले से निर्धारित विकास क्षेत्र के लिए तैयार मास्टर प्लान को भाग-ए माना जाएगा। इसमें वर्ष 2021 तक विकास क्षेत्र की सीमा में अधिसूचित इलाके शामिल हैं।

वहीं, सीमा विस्तार के बाद केडीए में शामिल किए गए 80 नए गांवों के लिए तैयार होने वाला मास्टर प्लान भाग-बी होगा। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद इन गांवों को केडीए के विस्तारित क्षेत्र में शामिल किया गया है।

202.55 वर्ग किलोमीटर में फैले हैं 80 गांव

केडीए की सीमा में शामिल किए गए 80 राजस्व गांव करीब 202.55 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं। इनमें सदर तहसील के दो, नर्वल के 17, बिल्हौर के 38, अकबरपुर के 10 और मैथा तहसील के 13 गांव शामिल हैं।

इन गांवों में बड़ी मात्रा में जमीन अभी कृषि उपयोग में है। ऐसे में मास्टर प्लान के जरिए यह तय किया जाएगा कि भविष्य में किन क्षेत्रों में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक या अन्य विकास गतिविधियों की संभावनाएं हैं।

466 गांवों तक पहुंचेगा KDA का दायरा

केडीए के पिछले मास्टर प्लान-2021 में करीब 42 लाख की आबादी और 32,080 हेक्टेयर क्षेत्रफल को ध्यान में रखा गया था। नए मास्टर प्लान में करीब 58,078 हेक्टेयर क्षेत्रफल और 51 लाख से अधिक की अनुमानित आबादी को शामिल किया गया है।

पहले तैयार किए गए मास्टर प्लान में 386 गांवों की जमीन शामिल थी। इसमें केडीए सीमा के 85 और अकबरपुर के 58 गांव भी शामिल थे।

अब सीमा विस्तार के बाद जोड़े गए 80 गांवों का मास्टर प्लान तैयार होने के बाद कुल 466 गांवों को विकास योजना के दायरे में लाया जाएगा।

भविष्य के कानपुर की विकास योजना का बनेगा आधार

80 नए गांवों के लिए तैयार होने वाला जीआईएस आधारित मास्टर प्लान भविष्य में कानपुर के शहरी विस्तार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें मौजूदा आबादी और जमीन के उपयोग के साथ आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली आबादी और उसकी जरूरतों को ध्यान में रखकर सड़क, आवास, बिजली, पानी, सीवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजना तैयार की जाएगी।

इससे शहर के अनियोजित विस्तार पर अंकुश लगाने और ग्रामीण क्षेत्रों को भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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