पहले हत्यारों की गिरफ्तारी, फिर बेटी का अंतिम संस्कार; पोस्टमार्टम हाउस में तीन घंटे हंगामा
कानपुर। एलएलबी छात्रा रूचि पाल की मौत के बाद शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजन छात्रा के साथ कोचिंग पढ़ने वाले उसके दोस्त और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी और जेल भेजने की मांग पर अड़ गए। उनका कहना था कि पहले हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए, इसके बाद ही बेटी का अंतिम संस्कार करेंगे।
करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस की ओर से जल्द गिरफ्तारी और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद रात करीब नौ बजे परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने को तैयार हुए।
28 सितंबर से लापता थी छात्रा
दबौली वेस्ट निवासी रूचि पाल (23) 28 सितंबर की शाम घर से लापता हुई थी। शुक्रवार को उसका शव झांसी रेलवे लाइन किनारे करीब 15 फीट गहरी झाड़ियों में पड़ा मिला। परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्रा की हत्या उसके साथ कोचिंग पढ़ने वाले दोस्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर की है।
शनिवार को उर्सला अस्पताल के डॉक्टर आशीष कुमार और कल्याणपुर सीएचसी की डॉक्टर गरिमा सक्सेना के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच छात्रा का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टरों के अनुसार शव करीब पांच से छह दिन पुराना था। सिर की खोपड़ी का हिस्सा मिला, जिसमें फ्रैक्चर और अंदरूनी चोट के निशान पाए गए। मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर विसरा सुरक्षित किया गया है।
डीएनए जांच के लिए बाल, दांत और नाखून के नमूने
जांच के लिए घटनास्थल से मिले बालों के साथ शव के दांत और नाखून के नमूने लिए गए हैं। दुष्कर्म की आशंका को देखते हुए स्लाइड भी तैयार की गई है। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं के स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पिता का आरोप, पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई
छात्रा के पिता विमल कुमार पाल का आरोप है कि बेटी के लापता होने के बाद दादानगर फैक्ट्री एरिया चौकी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि तीसरे दिन गुमशुदगी दर्ज की गई। इसके बाद परिवार ने खुद आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और रेलवे लाइन के आसपास छात्रा की तलाश शुरू की।
चप्पल मिलने के बाद झाड़ियों में मिला शव
पिता के मुताबिक शुक्रवार को रेलवे लाइन के पास छात्रा की चप्पल मिली थी। परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने तत्काल गंभीरता नहीं दिखाई। परिवार के दबाव के बाद पुलिस रेलवे लाइन के पास पहुंची, जहां झाड़ियों में छात्रा का शव पड़ा मिला।
ट्रेन हादसे से मौत का जिक्र, बाद में बदला पंचायतनामा
पोस्टमार्टम से पहले परिजनों ने डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी की मांग की। डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि पहले तैयार किए गए पंचायतनामा में ट्रेन दुर्घटना से मौत का जिक्र था। ऐसे मामलों में वीडियोग्राफी नहीं होती। इसके बाद दूसरा पंचायतनामा तैयार कराया गया, जिसमें मौत का कारण संदिग्ध बताया गया।
दोपहर करीब 2:15 बजे दूसरा पंचायतनामा पहुंचने के बाद डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम शुरू हुआ। शाम 5:45 बजे पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद परिजन फिर आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए।
रात नौ बजे तक चलता रहा हंगामा
शाम करीब छह बजे शुरू हुआ हंगामा रात नौ बजे तक चलता रहा। इस दौरान सपा नेता सम्राट विक्रम भी पोस्टमार्टम हाउस में परिवार के साथ मौजूद रहे। परिजन लगातार आरोपितों की गिरफ्तारी और जेल भेजने की मांग करते रहे।
गिरफ्तारी के आश्वासन पर शव ले गए परिजन
गोविंद नगर इंस्पेक्टर अशोक द्विवेदी ने बताया कि परिवार आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा था। जल्द गिरफ्तारी और कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शव ले जाने के लिए तैयार हो गए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम व अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

