राजकिशोर हत्याकांड: 500 से ज्यादा कैमरे खंगाले, फिर भी पुलिस के हाथ खाली
कानपुर। देवहा गांव निवासी 45 वर्षीय राजकिशोर पटवा की सिर कटी लाश मिलने के मामले में घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस हत्या और सड़क हादसे समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटना के खुलासे के लिए आसपास लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।
मंगलवार सुबह राजकिशोर का शव संदिग्ध हालत में मिला था। शव के पास उनकी साइकिल पड़ी थी, जबकि कुछ दूरी पर शर्ट का फटा कॉलर और अंगौछा मिला था। पुलिस ने आसपास तलाश की तो धड़ से करीब 10-12 फीट दूर पानी से भरे गड्ढे में उनका सिर बरामद हुआ। सिर और धड़ अलग-अलग मिलने से घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।
हत्या की आशंका, हादसे के एंगल पर भी जांच

परिजनों ने राजकिशोर की हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, उन्होंने किसी से रंजिश होने की बात से इनकार किया है। पुलिस ने हत्या के साथ ही सड़क हादसे के बिंदु को भी जांच में शामिल किया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से मौत की वजह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी।
गुजरने वाले वाहनों की तलाश
पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। घटना के समय संबंधित मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की पहचान की जा रही है। पुलिस वाहन मालिकों और चालकों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था।
इसके अलावा मृतक की कॉल डिटेल और पारिवारिक संबंधों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर राजकिशोर की दिनचर्या और संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी ली है।
अंतिम संस्कार को लेकर पुलिस बल तैनात
परिजनों की मांग को देखते हुए बिल्हौर थाना प्रभारी सुधीर कुमार और अरौल थाना प्रभारी विनय तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद हैं। तहसीलदार अभिनव चंद्रा भी परिजनों से वार्ता कर उनकी मांगों और परिवार की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

