योगी बोले- 6 महीने में 1 लाख सरकारी नौकरी देंगे
सैफई सिंडिकेट शिवपाल से गिनती पूछे, टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के मुद्दे पर भी लिया संज्ञान
लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 22 सितंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं (पीजीटी) और सहायक अध्यापकों (टीजीटी) को नियुक्ति-पत्र सौंपा। इन सभी की नियुक्ति ऐसे निजी स्कूलों में हुई है, जिन्हें सरकार से आर्थिक सहायता मिलती है और जहां माध्यमिक स्तर तक पढ़ाई होती है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक कदम है।
5 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
पहला चरण (शनिवार) : कौशल विकास, एमएसएमई (एमएसएमई), आयुष और स्वास्थ्य विभाग के 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
दूसरा चरण (रविवार) : यूपी पुलिस विभाग में उप निरीक्षक (गोपनीय) और सहायक उप निरीक्षक (लेखा) समेत अन्य पदों के 912 युवाओं को सरकारी सेवा में जोड़ा गया।
तीसरा चरण (सोमवार) : शिक्षा विभाग में बड़ा कदम उठाते हुए माध्यमिक विद्यालयों के लिए 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को जॉइनिंग लेटर सौंपे गए।
योगी का अखिलेश पर तंज, बोले- शिवपाल जी से गिनती पूछिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार और उनकी पूरी टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आयोग ने जिस पारदर्शिता और समय-सीमा के अंदर भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया है, वह मिसाल है।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों के आंकड़ों का हिसाब दिया। उन्होंने कहा, ‘लोग पूछते हैं कि कितनों को नौकरी मिली और इसका रिजल्ट क्या आया? मैं गर्व से कहता हूं कि हमारी सरकार ने अब तक 9.5 लाख युवाओं को बिना किसी भेदभाव और रिश्वत के सरकारी नौकरी दी है।’
मुख्यमंत्री ने सैफई सिंडिकेट पर तंज कसते हुए कहा- मैंने उनसे कहा कि हम नौकरी दे रहे हैं। यह नियुक्ति पत्र वितरण का हमारा तीसरा कार्यक्रम है। हम देते जाएंगे और आप गिनते जाइए। गिनती नहीं आती है तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाइए, वे गिनती सिखा देंगे। शिवपाल जी पढ़े-लिखे हैं, उनके सानिध्य में बैठेंगे तो अच्छा सिखा देंगे।
‘1 लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 साल पहले जिस उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहकर चिढ़ाया जाता था, आज वही यूपी देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभरा है। राज्य की अर्थव्यवस्था तीन गुना से अधिक बढ़ चुकी है।
शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा- 2047 के भारत का नेतृत्व वही युवा करेंगे जो आज इन स्कूलों की कक्षाओं में 12 से 17 साल की उम्र में पढ़ रहे हैं। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आपको जानकारी दे सकते हैं, गूगल हर सवाल का जवाब दे सकता है, लेकिन क्या सही है और क्या गलत, यह सिखाने का काम केवल एक शिक्षक ही कर सकता है।
‘शिक्षकों को चाहिए कि वे छात्रों को पाठ्यक्रम के अलावा देश के महापुरुषों की जीवनी और दैनिक घटनाओं से जोड़ें, ताकि उनका सामान्य ज्ञान और नागरिक बोध मजबूत हो। शिक्षकों को समाज को बांटने वाली नकारात्मक ताकतों से अपने छात्रों को बचाना होगा।’
टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के मुद्दे का संज्ञान लिया, मंत्री से कहा एनसीटीई को पत्र लिखें
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में पिछले 23 दिनों से धरना दे रहे और 18 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के मुद्दे का भी संज्ञान लिया।
सीएम योगी ने कहा, ‘मैंने आज माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखें। प्रयागराज में कुछ युवा धरने पर बैठे हैं। हमने कहा कि वहां एक पत्र लिखो कि एक बार के लिए उन बच्चों को रिलैक्स (छूट) किया जाए। उनको प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए, या कोई ऐसी व्यवस्था बना दो कि एक समय के बाद वे बच्चे उसमें अपीयर (शामिल) हो सकें। कोई एक सिस्टम तो तैयार किया जाना चाहिए।’
उन्होंने आगे कहा, ‘यह जकड़ी हुई व्यवस्था और जड़ता की शिकार हुई प्रणाली नौजवानों के हौसलों को हमेशा ब्रेक देने का काम करती है। ऐसे लोग कभी नहीं चाहते कि कुछ अच्छा हो। उन्होंने खुद तो कुछ किया नहीं, लेकिन मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि आज हम 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे रहे हैं।’
क्या है प्रयागराज धरने की पूरी वजह?
प्रयागराज में 31 अगस्त से प्रतियोगी छात्र पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न से भर्ती परीक्षा कराने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी तीन मुख्य मांगें हैं-
पुरानी नियमावली की बहाली: भर्ती प्रक्रिया में नए नियमों और पात्रता शर्तों का कड़ा विरोध करते हुए पुरानी नियमावली और परीक्षा पैटर्न को लागू रखने की मांग।
20,000 से अधिक पदों पर भर्ती: अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़े 20 हजार से ज्यादा पदों को पुरानी नियमावली के तहत जल्द विज्ञापित कर भरा जाए।
दो अतिरिक्त अवसर (अटेंप्ट): नए नियमों से प्रभावित हो रहे छात्रों को पुराने नियमों के आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त मौके दिए जाएं।
योगी बोले- टीचर्स की जॉइनिंग में कोई परेशानी न हो
समारोह के दौरान शिक्षा क्षेत्र में हुए ढांचागत सुधारों और शिक्षकों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने अपने एक पुराने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक समय में नामी कॉलेजों के भवनों पर बड़े-बड़े पेड़ उगे रहते थे और छतों के गिरने का डर रहता था। आज 1500 से अधिक सरकारी इंटर कॉलेजों की भव्य नई बिल्डिंग्स बन चुकी हैं। स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज, डिजिटल लाइब्रेरी और अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जा रही हैं। सरकार ने सभी शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, बेसिक शिक्षा के अनुदेशकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिया है ताकि वे बेफिक्र होकर अपने कर्तव्य का पालन कर सकें।
मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा परिषद और विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि किसी भी चयनित शिक्षक को स्कूल में जॉइनिंग के दौरान कोई परेशानी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। यदि किसी प्रबंधक की कोई समस्या है, तो वह सीधे शासन से संपर्क करे।

