ऑटो चालक के नाम 80 लाख का लोन, जांच में खुल सकता है करोड़ों का खेल

ऑटो चालक के नाम 80 लाख का लोन, जांच में खुल सकता है करोड़ों का खेल

2024 में इसी तरह लोन लेने वाले 10-12 लोगों की कुंडली खंगालेगी पुलिस, मशीनों की डिलीवरी के दस्तावेज भी होंगे जांच के दायरे में

कानपुर। विनायकपुर निवासी ऑटो चालक शिवम के नाम पर कथित तौर पर 80 लाख रुपये का लोन कराकर रकम हड़पने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। अब जांच का दायरा केवल शिवम के मामले तक सीमित नहीं है। पुलिस वर्ष 2024 में इसी तरह लोन लेने वाले 10-12 अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। इन सभी के आधार, मोबाइल नंबर और अन्य दस्तावेज सीए राहुल के साथ बैंक अधिकारियों कुमार पवन और ज्ञानेंद्र को सौंपे जाने की बात सामने आई है।

पुलिस अब इन सभी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि जिन लोगों के नाम पर लोन कराया गया, उन्होंने वास्तव में कोई उद्यम स्थापित किया था या नहीं। यदि इन मामलों में भी कागजों पर उद्यम दिखाकर लोन लेने और रकम के इस्तेमाल में अनियमितता सामने आती है तो कथित फर्जीवाड़े का दायरा कई करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

मशीन खरीद के लिए कंपनी के खाते में भेजी गई रकम

जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को उस कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके खाते में बैंक ने मशीनों की खरीद के लिए सीधे रकम भेजी थी। कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि उनके खाते में रकम आई थी और जिन मशीनों की मांग की गई थी, उन्हें कंपनी की ओर से भेजा भी गया था।

अब पुलिस बुधवार को उन दस्तावेजों की जांच करेगी, जिनमें मशीनों की डिलीवरी और उन्हें रिसीव करने वाले व्यक्ति की जानकारी दर्ज है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि लोन से खरीदी गई मशीनें वास्तव में किसे और कहां पहुंचाई गईं।

कुछ समय तक जमा होती रही लोन की किस्त

जांच में यह भी सामने आया है कि लोन की कुछ किस्तें एक अवधि तक जमा की गई थीं। पुलिस अब यह पता कर रही है कि किस्तें किसने, कब और कितने समय तक जमा कीं। इससे यह भी स्पष्ट करने का प्रयास होगा कि लोन की रकम और उसके भुगतान के पीछे कौन लोग सक्रिय थे।

मामले में ऑटो चालक शिवम ने सोमवार को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के कार्यालय पहुंचकर सीए राहुल, इंडियन बैंक के अधिकारियों ज्ञानेंद्र और कुमार पवन समेत अन्य लोगों पर धोखाधड़ी कर 80 लाख रुपये का लोन कराने का आरोप लगाया था। पुलिस आयुक्त के आदेश पर मामले में जीएसटी और बैंक अधिकारियों समेत नौ लोगों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

सभी लोन दस्तावेजों पर शिवम के हस्ताक्षर

पुलिस के मुताबिक, अब तक जांच में सामने आए लोन संबंधी दस्तावेजों में शिवम के हस्ताक्षर मिले हैं। शिवम का कहना है कि उसने 10 लाख रुपये के लोन से संबंधित कागजों पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन लोन की रकम बढ़कर 80 लाख रुपये कैसे हो गई, इसकी उसे जानकारी नहीं है।

शिवम ने यह भी कहा कि लोन की किस्त कौन जमा कर रहा था, इसकी जानकारी भी उसे नहीं थी। पुलिस अब दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पूरे लेनदेन की कड़ियां जोड़ रही है।

मां के हस्ताक्षर की भी होगी जांच

पुलिस के मुताबिक, शिवम की जिस संपत्ति पर फर्म स्थापित होना दिखाया गया है, उसके दस्तावेज भी निकलवाए जाएंगे। साथ ही लोन से संबंधित कागजों में शिवम की मां के स्थान पर किए गए हस्ताक्षर की भी जांच होगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किसने किए और उनका इस्तेमाल लोन प्रक्रिया में किस तरह हुआ।

पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेज, मशीनों की डिलीवरी, किस्तों के भुगतान और वर्ष 2024 में लोन लेने वाले अन्य लोगों की जानकारी को जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कथित बैंक फर्जीवाड़े के वास्तविक दायरे का पता चल सकेगा।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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